फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीमा विवाद पर बेनतीजा रही बैठक

Tue, 09 May 2017 12:23 AM IST
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
UP-Haryana border dispute - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
कैराना। यूपी-हरियाणा सीमा विवाद को लेकर शनिवार की रात हरियाणा के किसानों ने यूपी के किसानों की झोंपड़ियां फूंक दी थीं। किसानों के बीच बढ़ती तनातनी के बाद प्रशासन की नींद टूटी और अधिकारियों की बैठक हुई। सीमा विवाद को लेकर गहन चर्चा हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी।
विज्ञापन


शुक्रवार को हरियाणा के लोगों ने यमुना पार अपनी जमीन जोतने गए मवी के किसानों पर हमला        बोल दिया था, जिसमें आधा      दर्जन से अधिक किसान घायल हो गए थे। इसके अगली ही रात हरियाणा के लोगों ने विवादित भूमि पर रखे मवी के किसानों के इंजन और झोंपड़ियां फूंक दी थीं। सीमा पर दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया था। इसी को लेकर सोमवार को      कैराना के एसडीएम विजय प्रकाश तिवारी, तहसीलदार अभय राज पांडेय के नेतृत्व में राजस्व कर्मचारी यूपी-हरियाणा सीमा पर मवी और रीशपुर के जंगल में पहुंचे। 

मौके पर हरियाणा की बापौली तहसील के तहसीलदार, सनौली थाने के एसएचओ, लेखपाल और कानूनगो को भी बुलाया गया। दोनों प्रदेशों के दर्जनों किसानों की मौजूदगी में अधिकारियों ने सीमा विवाद को हल करने के लिए बातचीत की। अधिकारियों ने सीमा पर लगे पिलर भी देखे और कहा कि पिलर से इस और यूपी और पिलर के उस और हरियाणा का राजस्व अधिकार बनता है। 
विज्ञापन


तहसीलदार अभय राज पांडेय ने बताया कि 1974 में दीक्षित आयोग के निर्णय के अनुसार लगाए गए पिलर पर हरियाणा का राजस्व विभाग सीमा मानने के लिए    सहमत नहीं हुआ और वहां के राजस्व विभाग ने उच्चाधिकारियों से बात करने के बाद ही कोई निर्णय लेने की बात कही। साथ ही तब तक दोनों पक्षों को आपस में शांति    बनाए रखने की हिदायत दी।  

 दीक्षित अवार्ड के अनुसार सीमा निर्धारण के लिए लगाए गए पिलर विवादित भूमि से पीछे हरियाणा की ओर हैं, जिस कारण उक्त भूमि पर यूपी राजस्व का अधिकार बनता है। उन्होंने हरियाणा राजस्व विभाग को एक सप्ताह में निर्णय लेकर मीटिंग करने को कहा है।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें