कांधला। गांव हुरमजपुर में कॉलेज प्रबंधन की मनमानी के विरोध में कई अभिभावकों ने अपनी बेटियों को स्कूल भेजने से इंकार कर दिया था। इस मसले पर लोगों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले को लेकर गांव में हुई पंचायत में छात्राओं के भविष्य को देखते हुए प्रशासन से मिलकर कार्रवाई
करने का निर्णय किया गया। इसके लिए 10 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
किवाना के आर्य वैदिक कन्या इंटर काँलेज के प्रबंधतंत्र द्वारा छात्राओं से मोटी फीस व महंगे कोर्स लेने का दबाव बनाने व मारपीट करने के विरोध में हुरमजपुर के ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए अपनी बेटियों को कॉलेज भेजने से मना कर दिया था और स्कूल बस को बैरंग लौट दिया था। मामले की शिकायत की प्रशासन से करके कार्रवाई की मांग की गई थी।
हालांकि प्रशासन ने 24 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की, जिसे लेकर ग्रामीणों में रोष फैल गया और प्रकरण ने फिर से तूल पकड़ लिया। रविवार शाम को इस मामले को लेकर हुई पंचायत में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कॉलेज की मनमानी ने छात्राओं को घर बैठने पर विवश कर दिया।
हालांकि प्रशासन पूरे प्रकरण जानकारी होने के बाद भी मूकदर्शक बना हुआ है। पंचायत में प्रशासन से मिलकर बेटियों संग इंसाफ कराने का निर्णय लिया गया।
अध्यक्षता पूर्व प्रधान विनोद व संचालन राजीव ने किया । पंचायत में सर्वसम्मत्ति से निर्णय लिया कि 10 सदस्यों की कमेटी पीड़ित छात्राओं के परिजनों के साथ जिलाधिकारी से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे। पंचायत के दौरान अरविंद, प्रवीण, रिजवान, रालेंद्र, पंकज, हरपाल, संजीव, जयभगवान आदि उपस्थित रहे। मौके पर पीड़ित छात्राएं और उनके अभिभावक भी काफी संख्या में मौजूद रहे।