शामली। दिल्ली-यमुनोत्री फोरलेन एवं शामली बाईपास की भूमि खरीदने एवं निर्माण कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) कराएगी। इस संबंध में उपशा के उपमुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश अवस्थी ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को दिल्ली-यमुनोत्री फोरलेन को टेक ओवर करने का अनुरोध किया है।
उपशा ने दिल्ली-यमुनोत्री फोरलेन की एनओसी दिए जाने के बाद इस मार्ग की निर्माण संबंधी सभी प्रक्रिया रोक दी है। शामली-सहारनपुर बाईपास के होने वाले बैनामे की प्रक्रियाओं को स्थगित कर दिया गया है।
205 किलोमीटर लंबाई वाला दिल्ली-यमुनोत्री फोरलेन एवं शामली- सहारनपुर बाईपास का निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण की देखरेख में कराया जा रहा था।
इस मार्ग की हैदराबाद की निर्माण एजेेेंसी एसई डब्लू ने वर्ष 2013-14 में कार्य करने से इंकार कर दिया। इसके बाद उपशा ने वर्ष 2015 में निर्माण एजेंसी को 180 दिन का कारण बताओ नोटिस जारी करके 26 जुलाई 2016 को टेंडर समाप्त करने की कार्रवाई कर दी थी। भाजपा की प्रदेश सरकार ने दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग को उपशा से हटाकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को दिए जाने का फैसला लिया था।
दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग के संबंधी उपशा द्वारा की जा रही कार्रवाई को रोक दिया गया। उपशा ने संविदा पर रखे तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल की सेवा मुक्त कर दिया था। गाजियाबाद जिले में खोले गए कार्यालय को बंद करके अधिकारियों सहित अन्य स्टाफ को लखनऊ वापस बुलाया गया।
दिल्ली- यमुनोत्री मार्ग के चौड़ीकरण के तहत शामली-और सहारनपुर बाईपास के संबंध में भूमि खरीद का कार्य रोक दिया गया है। उपशा के आला अफसरों ने शामली- सहारनपुर जिलों के अफसरों से बाईपास के संबंध में किसानों की खरीदी गई भूमि, खर्च एवं अवशेष धनराशि का विवरण मांगा है।
उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण के गाजियाबाद कार्यालय के महाप्रबंधक शिवकुमार अवधिया ने बताया कि दिल्ली- यमुनोत्री मार्ग का निर्माण एवं शामली-सहारनपुर बाईपास के संबंध में शेष भूमि खरीदने का काम किया जाएगा।
इस संबंध में उपशा के उपमुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी ने केंद्र सरकार के अफसरों को पत्र लिखकर कहा कि उत्तर प्रदेश राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा दिल्ली- यमुनोत्री मार्ग निर्माण के लिए एनओसी को दिए काफी समय हो गया है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मार्ग को शीघ्र टेकओवर किए जाने का अनुरोध किया हैं।
प्रशासन शासन को भेजेगा रिपोर्ट
शामली। दिल्ली-यमुनोत्री के शामली बाईपास की जद में आ रहे किसानो की भूमि के मुआवजा एवं चौड़ीकरण के 185 करोड़ रुपये की धनराशि शासन से जारी की गई थी, जिसमें 96 करोड़ 21 लाख 58 हजार 398 रुपये बैनामा की शामिल है। उपशा पिछले छह साल में 80 करोड़ रुपये के 158 बैनामा कर किसानों से भूमि खरीद का कार्य कर पाया है।
करीब 16 करोड़ 21 लाख 58 हजार रुपये की धनराशि के 26 बैनामे अवशेष हैं। एसडीएम शामली एमपी सिंह ने बताया कि विवादित भूमि के संबंध में उपशा की टीम जांच करके रिपोर्ट ले गई थी। अब दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग एवं शामली बाईपास का निर्माण एनएचएआई से कराए जाने की तैयारी है। उपशा ने शामली बाईपास के संबंध में बैनामे एवं मुआवजे की धनराशि का विवरण मांगा है।
जिला प्रशासन शीघ्र ही जानकारी शासन को भेज देगी। उन्होंने बताया कि शामली बाईपास के संबध में 158 बैनामे की सात अप्रैल तक 31.7614 हेक्टेयर भूमि खरीदी गई है। 26 बैनामों की 4.8730 हेक्टेयर भूमि खरीदनी शेष है।