पूर्व उपाध्यक्ष शिप्रा रस्तोगी का कहना है कि व्यापारी और स्थानीय लोगों पर अतिरिक्त बोझ स्वीकार करने योग्य नहीं है। इसका मजबूती से विरोध किया जाएगा। मुख्य कार्यकारी अधिकारी से अनुरोध किया जाएगा कि बोर्ड बैठक में संशोधन का प्रस्ताव लाएं।
पूर्व पार्षद अनिल जैन ने बताया कि केंद्र सरकार के गजट अधिसूचना के बाद कैंट बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में बढ़ा हुआ शुल्क एक अप्रैल से लागू किया है। उन्होंने कहा कि सराफ की दुकानों पर भी सालाना 6000 रुपये कूड़ा उठाने का शुल्क लगाया गया है। जबकि वहां निकलने वाले कूड़े को बाहर नहीं जाता है। व्यावसायिक संपत्तियों पर शुल्क में काफी बढ़ोतरी की गई है।
कैंट बोर्ड की बैठक बुलाने की मांग
छावनी में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का शुल्क बहुत अधिक बढ़ा दिया गया है। इस संबंध में कैंट बोर्ड मुख्य कार्यकारी अधिकारी जाकिर हुसैन को एक माह पूर्व अवगत कराया था। अभी तक मामले को संज्ञान में नहीं लिया गया है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी से कहेंगे कि जल्द बोर्ड बैठक बुलाकर शुल्क में संशोधन किया जाए। - अमित अग्रवाल, विधायक, कैंट।
कूड़ा कलेक्शन का नया मासिक शुल्क
50 वर्ग मीटर तक के आवास : 50 रुपये
50 से 200 वर्ग मीटर तक के आवास : 100 रुपये
200 वर्ग मीटर से अधिक के आवास : 200 रुपये
दुकान : 500 रुपये
धर्मशाला : 2000 रुपये
कार्यालय, स्कूल : 2000 रुपये
होटल : 5000 रुपये