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मावे की दुकानों पर नहीं लगी ग्राहकों की भीड़

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मावा और बूरा खरीदता युवक। - फोटो : SHAMLI
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- मावा कारोबार पर कोराना की मार
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- पिछले साल की तुलना में करीब 30 प्रतिशत कारोबार बता रहे व्यापारी
- घर पर ही मावा तैयार कर बनाई जा रही मिठाई
फोटो...
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। कोरोना संक्रमण काल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर इस बार मावे का कारोबार फीका है। कोरोना के डर की वजह से लोग बाजार से मावा खरीदने से बच रहे हैं। मावा व्यापारियों का कहना है कि पिछले साल की तुलना में आधे से भी कम कारोबार रहा है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार पर मावे की काफी मांग रहती है। इस त्योहार पर मावे की मिठाइयां बनाई जाती हैं। रक्षाबंधन के बाद बाजार में मावे की बिक्री शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए बाजार में मावे की डिमांड पिछले साल की तुलना में कम है। लोग बाजार से मावा खरीदने के बजाए घर पर ही दूध खरीदकर मावा तैयार कर उसके पेड़े और मिठाइयां बनाना ही बेहतर मान रहे हैं। मावे के कारोबार को लेकर व्यापारियों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि इस बार मावे की डिमांड पिछले साल की तुलना में आधे से भी कम है। पिछले सालों में मावा खरीदने वालों की दुकान पर लाइन लगती थी, लेकिन इस बार बहुत कम ग्राहक आ रहे हैं।
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अजुध्या चौक में मावा कारोबारी संजीव गर्ग ने बताया पिछले साल रक्षाबंधन के बाद मावा की बिक्री शुरू हो जाती थी। त्योहार से कई दिन पहले मावा खरीदने वालों की भीड़ लगती थी। दूसरे शहरों में भी मावे की सप्लाई होती थी, लेकिन इस बार कोरोना की वजह से ग्राहक बहुत कम है। पिछले साल की तुलना में इस बार 20 से 30 प्रतिशत कारोबार है। पहले दिन में करीब 30 क्विंटल मावा के बिक्री होती है, इस बार तीन से चार क्विंटल मावा ही बिक रहा है। दिल्ली रोड निवासी मावा विक्रेता नीरज कुमार ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से कई दिन पहले मावे की अच्छी बिक्री शुरू हो जाती थी। त्योहार से पहले दिन सोमवार को भी बहुत कम ग्राहक आ रहे हैं। इस बार त्योहार पर मावे का कारोबार बहुत कम है।
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