जनता कर्फ्यू के कारण एक दिन पहले हुआ निकाह
बाबरी (शामली। गांव बाबरी में जनता कर्फ्यू की घोषणा के कारण एक दिन पहले शनिवार को बरात पहुंची और निकाह कर लौट गई।
बाबरी निवासी तशरीक की पुत्री रेशमा की शादी बड़ौत निवासी फुरकान के साथ रविवार 22 मार्च को होनी तय हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोना वायरस से बचाव के चलते रविवार को जनता कर्फ्यू की घोषणा किए जाने पर वर-वधू पक्ष की परेशानी बढ़ने लगी। वर पक्ष ने गाड़ियों की बुकिंग रविवार के लिए की थी। दोनों पक्षों ने शुक्रवार को फोन पर बातचीत कर शनिवार को ही निकाह करने की सहमति बन गई। शनिवार को ही दूल्हा फुरकान बड़ौत से बरात लेकर बाबरी में पहुंचा। दुल्हन पक्ष ने बरात का स्वागत करते हुए निकाह कराया। इसके बाद बरात दुल्हन लेकर लौट गई। दोनों परिवारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनता कर्फ्यू की घोषणा का स्वागत किया। कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा एक अच्छी पहल की गई है।
मौलाना रिजवान ने कराया निकाह
लड़की पक्ष के नफीस खान ,जाहिद व नवाब सभी लड़की के ताऊ ने बताया कि करीब 200 रिश्तेदारों और 400 ग्रामीणों को निमंत्रण रविवार के लिए दिए थे, लेकिन सभी को शुक्रवार की शाम फोन कॉल कर शनिवार की शादी होना बताया था। इस दौरान 50 मेहमान व 70-80 ग्रामीण ही निकाह में शामिल हुए। दूल्हे के पिता कल्लू व दादा ने बताया की रविवार की जगह शनिवार को बरात की सूचना रिश्तदारों व अन्य को दी गई, लेकिन 200 की जगह केवल 50-60 हो बराती आए।
उधर, बनतीखेड़ा के पूर्व प्रधान मेहरबान के पुत्र व जज मेहनाज खान के देवर सिकंदर की बरात 22 मार्च रविवार की रात मिमलाना मुजफ्फरनगर जानी थी, जिसकी तैयारियां जोर शोर से चल रही थी। मेहरबान प्रधान ने बताया कि करीब 1800 निमंत्रण पत्र बांटे गए थे। रविवार को जनता कर्फ्यू के चलते अपने समधी अहसान से वार्ता कर निर्णय लिया कि पांच आदमियों के साथ शनिवार को बरात लेकर निकाह के लिए लड़के को भेजा। निकाह की रस्म अदा हुई और दुल्हन घर आ गई है।