ईद उल अजहा यानी बकरीद से एक दिन पहले शामली के बाजारों में रौनक लौट आई। त्योहार की तैयारियों को लेकर बुधवार शाम से ही बाजारों में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। गर्मी के कारण दिन में बाजार अपेक्षाकृत शांत रहे, लेकिन शाम ढलते ही खरीदारी के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
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शाम होते ही बाजारों में बढ़ी चहल-पहल
शहर के बड़ा बाजार, मुख्य बाजार, दिल्ली मार्ग और धीमानपुरा मार्ग समेत विभिन्न इलाकों में कपड़ों, इत्र और दैनिक उपयोग की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ नजर आई। लोग देर रात तक खरीदारी करते दिखाई दिए। दुकानदारों के अनुसार शाम चार बजे के बाद बाजारों में रौनक लगातार बढ़ती गई और रात नौ बजे तक खरीदारों की आवाजाही बनी रही।
कुर्ता-पायजामा और इत्र की सबसे ज्यादा मांग
कपड़ा व्यापारी नफीस ने बताया कि बकरीद की नमाज को लेकर पारंपरिक पहनावे की मांग काफी बढ़ गई है। सूती और मलमल के कुर्ता-पायजामा खरीदने के लिए दुकानों पर ग्राहकों की लंबी कतारें लगी रहीं। तैयार कपड़ों के साथ सिलाई कराने वालों की संख्या भी अधिक रही।
वहीं दिल्ली मार्ग स्थित इत्र व्यापारी सलीम ने बताया कि त्योहार और धार्मिक परंपरा के चलते बिना मादक तत्व वाले इत्र की मांग में काफी बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा लोग देर रात तक सूखे मेवे और अन्य जरूरी सामान की खरीदारी करते रहे।
दुकानदारों में भी दिखा उत्साह
त्योहार से पहले बाजारों में उमड़ी भीड़ से व्यापारियों के चेहरे भी खिले नजर आए। दुकानदारों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों की तुलना में बकरीद से पहले ग्राहकों की संख्या काफी अधिक रही, जिससे कारोबार में तेजी आई है।