शामली। मंडी में खल व्यापारी हंसराज के गोदाम से लाखों की चोरी के मामले में चल रही विवेचनाधिकारी को बयान दर्ज कराने में मंडी इंस्पेक्टर से लेकर सचिव तक पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। दोनों अधिकारी पुलिस को बयान दर्ज कराने से बच रहे हैं। जिसके चलते दोनों को अब बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजे हैं।
शामली कोतवाली क्षेत्र की नवीन मंडी में दो माह पूर्व खल व्यापारी हंसराज के गोदाम से लाखों की खल चोरी हुई थी। मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने चोरों को जेल भेज दिया था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी वैसे-वैसे इसमें बड़ेे खुलासे होते चले गए। पुलिस के शक की सुई मंडी के अधिकारियों पर भी टिकी हुई है। उधर केस के संबंध में सामान्य पूछताछ के चलते पुलिस मंडी के सचिव से लेकर इंस्पेक्टर और चपरासी के बयान दर्ज कराना चाह रही है।
पुलिस द्वारा अधिकारियों को कई बार इस संबंध में बुलाया गया, लेकिन अधिकारियों ने अपने बयान दर्ज नहीं कराए। जिसके बाद पुलिस द्वारा अब बयान दर्ज कराने के लिए मंडी सचिव तथा इंस्पेक्टर को लिखित में नोटिस भेजा है। एसआई नंद किशोर शर्मा ने बताया कि मंडी सचिव तथा इंस्पेक्टर से लिखित में बयान मांगे हैं, लेकिन अधिकारी बयान दर्ज कराने नहीं आ रहे हैं। जिस कारण उनको अब लिखित में विवेचना अधिकारी की तरफ से नोटिस भेजा गया है। यदि इसके बाद भी अधिकारी नहीं आते हैं तो धारा 193 के तहत कार्रवाई की जाएगी।