कैराना। एडीजे (एफटीसी/गैंगस्टर कोर्ट) ने पुलिस पर जानलेवा हमले के मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर एक दोषी को नौ वर्ष चार माह 11 दिन के कारावास की सजा सुनाई। छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
28 फरवरी 2016 को कैराना कोतवाली क्षेत्र के अलीपुर रजबहे की पुलिया के निकट पुलिस टीम ने संदेह होने पर संदिग्ध युवकों को पकड़ने का प्रयास किया था, जिस पर आरोपी बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी। पुलिस ने दो आरोपियों भोला उर्फ मुबारिक व नफीस निवासी गांव भूरा को गिरफ्तार कर लिया था, जिनके कब्जे से दो तमंचा, दो खोखा व तीन कारतूस और बाइक बरामद हुई थी। आरोपियों के चार साथी जावेद व फाजिल निवासी गांव भूरा, मुनव्वर निवासी गांव गंदराऊ व तनवीर निवासी गांव माल्हीपुर कांधला मौके से भाग गए थे।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के साथ ही गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया था। जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया था। इस मामले में भोला उर्फ मुबारिक की पत्रावली पृथक कर दी गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट में तीन गवाह पेश किए गए। बुधवार को अपर जिला सत्र न्यायालय (एफटीसी/गैंगस्टर कोर्ट) रितु नागर ने आरोपी भोला उर्फ मुबारिक को दोष सिद्ध पाए जाने पर नौ वर्ष चार माह 11 दिन के कारावास और छह हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है।