कैराना की मामौर झील का फसलों में भरा पानी-किसान
शामली, कैराना। बरसात के पानी के चलते मामौर झील ओवरफ्लो होकर टूट गई। जिसके बाद किसानों की ज्वार व उड़द की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई। किसानों ने जेसीबी मशीन की मदद से मेड़ की मरम्मत कराई।
पिछले कई दिनों से हो रही बारिश एवं नालों के द्वारा नगर से जाने वाले पानी के दबाव के कारण मामौर झील एक बार फिर ओवरफ्लो हो गई। मंगलवार की रात करीब तीन बजे किसान शराफत के खेत के पास से झील की मेड़ टूट गई। जिससे करीब 12 से अधिक किसानों की उड़द की फसल व ज्वार में झील का पानी घुस गया। जिसके बाद किसानों ने जेसीबी मशीन की मदद से क्षतिग्रस्त मेड़ की मरम्मत की।
- सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनने से भी नहीं मिली राहत
कैराना। मामौर झील की समस्या से निजात दिलाने के लिए नमामि गंगे योजना के तहत गांव मवी के पास 78.60 करोड़ रुपये की लागत से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनवाया गया था, ताकि झील के पास पानी को पाइपों के द्वारा निकाल कर साफ किया जा सके। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए प्रतिदिन करीब डेढ़ लाख लीटर झील के पानी को साफ कर यमुना नदी में छोड़ा जाता है। वहीं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनने के बाद भी मामौर के किसानों को झील की समस्या से निजात नहीं मिल रही है।
कार्यदायी संस्था के इंजीनियर अभिषेक ने बताया कि कैराना नगर से नालों के द्वारा प्रतिदिन करीब डेढ़ लाख लीटर पानी मामौर झील में आता है। इसके अलावा पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के बाद झील में पानी का दबाव बढ़ गया है। जिस कारण झील ओवरफ्लो हो गई।