शामली। यमुना नदी से अवैध रेत खनन करने वाले माफिया का दुस्साहस इतना है कि खाकी भी इनसे घबराती है। जब कभी पुलिस ने अवैध रेत खनन करने वालों के खिलाफ छापा मारा, तो पुलिस सकुशल नहीं लौटी। खनन माफिया द्वारा पुलिस पर हमले के कई मामले पूर्व में सामने आ चुके हैं।
झिंझाना, कैराना और कांधला क्षेत्र में यमुना नदी से पॉकलेन मशीन, जेसीबी और ट्रैक्टर ट्राली से बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन चलता है। अवैध रेत खनन हाल फिलहाल शुरू नहीं हुआ, बल्कि सालों से चलता आ रहा है। अवैध खनन करके लाए गए रेत से लदे वाहन दिनभर सड़कों पर दौड़ते हैं। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का रेत यमुना नदी से निकाला जाता है। ऐसा नहीं है कि पुलिस प्रशासन को इसकी खबर नहीं, मगर कार्रवाई के नाम पर पुलिस ठिठक जाती है।
गौरतलब है कि गत वर्ष 18 जून को कैराना कोतवाली पुलिस टीम अवैध खनन के खिलाफ सहपत में छापा मारने पहुंची, तो माफियाओं ने पुलिस पर फायरिंग कर दी थी। गंदराऊ में कई बार पुलिस टीम पिट चुकी है। ढाई साल पूर्व झिंझाना थाना क्षेत्र में यमुना नदी किनारे खनन करने वालों ने तत्कालीन नायब तहसीलदार और थानाध्यक्ष पर जानलेवा हमला कर दिया था और थानाध्यक्ष पर ट्रैक्टर तक चढ़ा दिया था। इसके अलावा भी खनन माफियाओं द्वारा पुलिस टीम पर हमले के कई मामले सामने आ चुके हैं।