शामली। कांधला क्षेत्र में सपा के दिग्गज नेताओं के बीच चुनावी जंग की धमक लखनऊ तक पहुंच गई। यही वजह रही कि डीआईजी से लेकर आईजी जोन तक कांधला क्षेत्र में कैंप किए रहे।
दरअसल, कांधला क्षेत्र गुर्जर बहुल है। हिंदू गुर्जर भी बड़ी संख्या में हैं, तो मुसलिम गुर्जर भी। बराबरी की संख्या के हिसाब से ही दोनों बिरादरियों के नेता क्षेत्र में अपना राजनीतिक रसूख रखते हैं। बात और मूंछ की खातिर लड़ाई लड़ी जाती है। यही वजह है कि जिला पंचायत वार्ड-14 से एमएलसी वीरेंद्र सिंह और विधायक नाहिद हसन के परिवार ने चुनाव को प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया।
इस सीट पर हार और जीत दोनों नेताओं की क्षेत्रीय लोगों के बीच लोकप्रियता को साबित करेगी, जिस कारण दोनों ही परिवारों ने चुनाव जीतने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया।
एमएलसी वीरेंद्र सिंह ने बेटे मनीष चौहान को जिताने के लिए रात दिन एक कर दिया, तो विधायक नाहिद हसन ने बहन इकरा हसन की जीत के लिए कांधला क्षेत्र पूरी ताकत झोंक दी। यहां तक कि कई साल से हसन परिवार में चल रही तकरार भी खत्म हो गई और पूरा परिवार एक मंच पर आ गया।
वहीं, कांग्रेस नेता हरेंद्र मलिक तथा उनके बेटे पंकज मलिक भी इकरा हसन के लिए चुनाव प्रचार कर वीरेंद्र सिंह पक्ष को घेरने में लग गए।
इस चुनावी घमासान के बारे में लखनऊ में बैठे सपा नेताओं को भी पता चल चुका था। सूत्रों की मानें, तो दोनों नेताओं में टकराव रोकने के लिए समझाने के प्रयास भी हुए, लेकिन दोनों ही नेताओं ने कदम पीछे खींचने से इंकार कर दिया। इस वजह से दोनों नेताओं में वर्चस्व कायम करने की लड़ाई चल पड़ी।
उधर, लखनऊ से आला अधिकारियों ने भी कांधला क्षेत्र के चुनाव को लेकर कड़ी चौकसी बरतने का निर्देश दिया। इसके चलते शनिवार को मतदान के दौरान आईजी जोन आलोक शर्मा, डीआईजी रेंज सहारनपुर एके राघव भी कांधला क्षेत्र में कैंप किए रहे। डीएम और एसपी भी पूरे दिन इसी क्षेत्र में रहे, तो प्रेक्षक ने भी कई गांवों में दौरा किया।