सहारनपुर। स्मार्ट सिटी में अधिकारियों की लापरवाही के कारण वर्षों से कई शौचालयों के ताले नहीं खुले हैं। कई शौचालय बंद रहने से जर्जर हो गए, जिनकी मरम्मत भी कराई गई, लेकिन फिर ताला जड़ दिया गया। रविवार को पड़ताल में ये हाल मिला।
बाबा लालदास का बाड़ा से सटे कब्रिस्तान के पास पुराना कलसिया रोड पर ही बने शौचालय पर ताला लगा मिला। एसबीडी जिला अस्पताल के पीछे भी बने शौचालय का ताला नहीं खुला है। इस शौचालय की एक बार मरम्मत भी हो चुकी है। करीब दो वर्ष पहले राकेश टाकिज के पीछे इंदिरा कॉलोनी में बने शौचालय पर भी ताले लगे हैं। लोग इसी की बगल में खुले में लघुशंका करते हैं, जिसकी वजह से दुर्गंध रहती है। चकराता रोड के बेहट अड्डा पर बने शौचालय पर भी ताला लटका मिला। इसी मार्ग पर बागेश्वर मंदिर के पास बने शौचालय पर ताला जड़ा मिला। बासठ फीटा रोड पर भी शौचालय और यूरिनल बदहाल और तालों में बंद मिले। पुराना कलसिया रोड पर वाल्मीकि बस्ती के निकट कब्रिस्तान के पास बना शौचालय खुला मिला, लेकिन सफाई नहीं थी।
बीते वर्ष स्वच्छ सर्वेक्षण में पिछड़ा था सहारनपुर निगम
खराब सफाई और शौचालय व्यवस्था के कारण ही बीते वर्ष सहारनपुर नगर निगम को स्वच्छ सर्वेक्षण में 69वीं रैंक मिली थी, जबकि उससे पहले 2022 में सहारनपुर ने 40वीं रैंक हासिल की थी। इस बार भी नगर निगम सहारनपुर स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रतिभाग कर रहा है, लेकिन तैयारी नजर नहीं आ रही है।
ओडीएफ प्लस प्लस का मिला था तमगा
सहारनपुर को ओडीएफ प्लस प्लस का तमगा मिला था। इसका मतलब है कि सहारनपुर महानगर में कहीं भी खुले में शौच या लघुशंका नहीं होती है। लेकिन हकीकत इससे अलग है। शौचालयों के तालों में कैद होने के कारण लोग शौचालयों की ही बगल में खुले में लघुशंका करते नजर आ जाएंगे।
शौचालयों पर क्यों ताले लगे हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी से बात कर इसका पता लगाया जाएगा। नगर निगम की मंशा यही है कि शहर स्वच्छ और सुंदर रहे। शौचालयों को खुलवाने के लिए जो भी प्रक्रिया है उसको अपनाया जाएगा।
राजेश यादव, अपर नगरायुक्त