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Shamli News: पंचायत सचिवालय पर लटके ताले, ग्रामीणों को सुविधाओं के लाले

Sun, 07 Jun 2026 12:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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गांव सिंभालका ​स्थित पंचायत सचिवालय पर लगा ताला। संवाद
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शामली। गांवों में जिन सचिवालयों को ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का केंद्र बनना था, वहां शनिवार दोपहर तक ताले लटके मिले। कहीं पंचायत सहायक गायब मिले तो कहीं सचिवालय बंद मिले। इसके चलते ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए भी तहसील और ब्लॉक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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जिले में 230 ग्राम सचिवालय हैं जिनका उद्देश्य था कि आवास, मनरेगा, परिवार रजिस्टर, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, किसान पंजीकरण, शिकायतों और ऑनलाइन सेवाओं के लिए ग्रामीणों को शहर या तहसील न जाना पड़े। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जिले के कई पंचायत सचिवालय नियमित रूप से नहीं खुल रहे हैं।
शामली क्षेत्र
शामली क्षेत्र के गांव सिंभालका स्थित कंपोजिट स्कूल परिसर में बने पंचायत सचिवालय पर दोपहर 12 बजे कार्यालय बंद मिला। ग्रामीणों ने बताया कि कार्यालय अक्सर बंद ही रहता है। 12:30 बजे बरलाजट गांव में पंचायत सचिवालय पर भी ताला लटका मिला।ग्रामीणों ने बताया कि कार्यालय कभी-कभार ही खुलता है। किसी भी कार्य के लिए ग्रामीणों को ब्लॉक और तहसील के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
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चौसाना क्षेत्र
चौसाना के जिजौला अलीपुरा और गढ़ी हसनपुर पंचायत सचिवालयों पर ताले लटके मिले, जबकि दथेड़ा सचिवालय पर कोई कर्मचारी नहीं मिला। गंगाराम खेड़की सचिवालय भी बंद पाया गया।

हसनपुर लुहारी
हसनपुर लुहारी ग्राम पंचायत सचिवालय पर भी ताला लटका मिला। ग्रामीण राहुल ने बताया कि शुक्रवार को भी कई ग्रामीण अपने काम से सचिवालय पहुंचे थे, लेकिन कार्यालय बंद होने के कारण उन्हें लौटना पड़ा।

कैराना क्षेत्र
ग्राम पंचायत खेड़की के सचिवालय में दोपहर 12 बजे तक ताला लगा मिला। ग्रामीण सलेक सैनी ने बताया कि सचिवालय कभी-कभार ही खुलता है। सचिव राहुल ने फोन पर बताया कि उन्हें एडीओ पंचायत का अतिरिक्त कार्यभार भी मिला हुआ है। झाड़खेड़ी सचिवालय पर वह केवल शुक्रवार को बैठते हैं।

तहसील और ब्लॉक के चक्कर लगाने को मजबूर ग्रामीण
बरलाजट गांव की महिला राजेश ने बताया कि पंचायत सचिवालय नियमित रूप से नहीं खुलता, जिससे ग्रामीणों को हर छोटे-बड़े काम के लिए तहसील और ब्लॉक कार्यालय जाना पड़ता है। सचिवालय का उन्हें कोई लाभ नहीं मिल रहा।
सिंभालका गांव के लोकेश ने बताया कि सचिव कब आते हैं और कब चले जाते हैं, इसकी कोई जानकारी नहीं रहती। जब भी कार्यालय पहुंचते हैं, अधिकतर ताला ही लगा मिलता है।


कुछ पद रिक्त होने के कारण कई सचिवों के पास एक से अधिक ग्राम पंचायतों का कार्यभार है। इसके बावजूद यदि कहीं लापरवाही की जा रही है तो जांच कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - संदीप अग्रवाल, डीपीआरओ, शामली

गांव सिंभालका स्थित पंचायत सचिवालय पर लगा ताला। संवाद

गांव सिंभालका स्थित पंचायत सचिवालय पर लगा ताला। संवाद

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