एसपी अभिषेक ने बताया कि प्रकाशित खबर का संज्ञान लेकर मामले की जांच कराई गई। पता चला कि सबका साथ सबका विकास नामक ग्रुप में लोकेशन शेयर करने का खेल चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के सरगना शामली के टिटौली के रहने वाले वसीम पुत्र रईस को गिरफ्तार कर लिया। जिसके कब्जे से एक कार, मोबाइल फोन बरामद किया गया।
जांच में पता चला कि 91 और लोग ग्रुप में शामिल है, जिनमें ट्रक चालकों के अलावा ट्रक मालिक भी हैं। सभी 92 के खिलाफ आईपीसी की धारा धारा 186 और 34 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने सबका साथ सबका विकास नाम से व्हाट्सएप पर ग्रुप बना रखा था। जिसका एडमिन वह खुद है। ग्रुप में 92 सदस्य हैं। लोकेशन शेयर करने के बदले चालक और मालिकों से यूपीआईडी के माध्यम से 1 हजार से लेकर 1500 रुपये लिए जाते थे।
मांगने पर इस ग्रुप में जनपद मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, कर्नाटक राज्य के अधिकारियों की लोकेशन उपलब्ध कराई जाती थी, जिसके अनुसार वाहन चालक अधिकारियों से बचने के लिए गाड़ी को सुरक्षित स्थान पर खड़ी कर लेते हैं तथा अधिकारियों के जाने के बाद वाहन को गंतव्य तक ले जाने की सूचना देते थे।