शामली। आर्य समाज के वार्षिकोत्सव में युवा पीढ़ी को सनातन संस्कृति और उत्तम संस्कारों से जोड़ने का संकल्प लिया गया। वैदिक संस्कार चेतना अभियान के संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि युवाओं के जीवन निर्माण के लिए यज्ञ, योग और शाकाहार बहुत आवश्यक है, इन्हें जीवन में अपनाएं।
मंगलवार को आर्य समाज जलालाबाद में तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन वेद मंत्रोच्चार से देव यज्ञ में आहुतियां दी र्गइं। मुख्य अतिथि आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि सदाचरण धर्म की कसौटी है। हम सब सत्य, न्याय, नैतिक, मर्यादित और आदर्श मूल्यों के अनुसार जीवन निर्माण करें। महर्षि दयानंद सच्चे देशभक्त सन्यासी थे, जिन्होंने पाखंड, अंधविश्वास, कुरीतियों का उन्मूलन कर सनातन धर्म का वैदिक ज्ञान देश में फैलाया। शुकतीर्थ के स्वामी सत्यवेश ने प्रेरक भजनों से ऋषि दयानंद के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। आगरा से आए आचार्य हरि शंकर अग्निहोत्री ने यज्ञ की महिमा बताई और वेद मंत्रों की व्याख्या की।
कल्याण वेदी ने भजनों के द्वारा धर्म रक्षा की अपील की। मुजफ्फरनगर जिला आर्य प्रतिनिधि सभा प्रधान आनंद पाल सिंह आर्य ने गांव-गांव आर्य समाज को सक्रिय बनाने पर बल दिया। मुख्य अतिथि के रुप में आचार्य गुरुदत्त आर्य ने बेटियों को वैदिक साहित्य भेंट किया। डॉ. सुभाष आर्य ने अतिथियों का आभार जताया। मौके पर कुलदीप आर्य, डॉ. अनुराधा आर्या, खजान सिंह आर्य, ईश्वर सिंह, यशपाल सिंह मौजूद रहे।