दो दिन में 56 एमएम हुई बारिश, अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली/गढ़ीपुख्ता/थानाभवन/हसनपुर लुहारी। जिले में मंगलवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर दो बजे से झमाझम बारिश शुरू हुई। कभी तेज तो कभी हल्की लगातार बारिश चलने से मौसम सुहाना बना रहा। उधर, गांव भैंसवाल व बुंटा में दो मकान गिर गए। परिवार के लोग दबने से बचे। लगातार बारिश होने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। जलभराव की समस्या से लोग परेशान रहे। अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस बना रहा। पिछले दो दिन में 56 एमएम बारिश हुई।
सोमवार को दिनभर लगातार बारिश चलती रही, लेकिन रात में बारिश थम गई थी। मंगलवार सुबह से ही काले बादल छाए रहे और तेज बारिश की उम्मीद बनी रही। दोपहर दो बजे रिमझिम बारिश शुरू हो गई। बारिश कभी तेज तो कभी हल्की देर शाम तक चलती रही। घने बादल छाए रहने से रात में तेज बारिश होने की आशंका है। पूर्वी यमुना नहर लोअर खंड के सहायक अमरजीत ने बताया कि सोमवार को 51 एमएम बारिश हुई थी। मंगलवार को दोपहर से शाम तक पांच एमएम बारिश हुई है। इस तरह से दो दिन में 56 एमएम बारिश हो चुकी है।
बारिश से शहर के कबाड़ी बाजार, नेहरू मार्केट, नाला पटरी समेत कई स्थानों पर जलभराव होने से लोगों को आने जाने में परेशानी हुई। पिछले 24 घंटे में तापमान में कोई बदलाव न होकर अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस बना रहा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि आगामी 24 घंटे में बादल छाए रहने और बारिश के आसार है।
मकान गिरे
गांव भैंसवाल में बारिश विधवा संतोष का मकान भरभराकर गिर गया। संतोष ने बताया कि उनके पति की 20 साल पूर्व मौत हो गई थी। वह किसी तरह मेहनत मजदूरी करके अपने बच्चों का पालन पोषण कर रही है। उसका मकान भी कच्चा है। लगातार हो रही बारिश के चलते उसका मकान गिर गया, जिससे खाने पीने और अन्य सामान मलबे में दबकर पूरी तरह नष्ट हो गया। उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया। संतोष ने बताया कि उसने कई बार अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर आर्थिक मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
गढ़ीपुख्ता क्षेत्र के गांव बुंटा में दिव्यांग कृष्ण अपनी पत्नी के साथ कच्ची छत के नीचे सो रहा था। देर रात करीब तीन बजे अचानक छत का एक हिस्सा चारपाई के बराबर आकर गिर पड़ा। दंपती किसी तरह जान बचाकर बाहर निकले। कुछ ही देर बाद पूरी छत गिर गई। गनीमत रही कि परिवार का कोई सदस्य चपेट में नहीं आया। कृष्ण ने बताया कि कई बार प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया, लेकिन पक्का मकान नहीं मिल सका।
थानाभवन में बारिश के चलते जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई है। सड़कों पर तालाब जैसे हालात हो गए हैं। ऊन रोड स्थित राजपूत कॉलोनी से खानका मदरसे की ओर जाने वाली सड़क पूरी तरह पानी से भर गई है।
- बारिश का पानी दुकानों मे घुसने से व्यापारियों को लाखों की हानि
हसनपुर लुहारी में तालाब पर अवैध कब्जे के चलते बस स्टैंड पर बारिश का पानी लबालब भर गया है। तालाब का पानी सड़कों तक आ गया है। इससे दुकानदारों व ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले छात्र-छात्रों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारी रोहित, अजय, अंकित,आशु व आबिद ने बताया दुकानों मे बारिश का पानी भरने से उनका लाखों का सामान बर्बाद हो गया उन्होंने बताया तालाब से अवैध कब्जा हटवाने की मांग कर चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
शामली में मेरठ करनाल मार्ग पर बरसात में जाते वाहन । संवाद
शामली में मेरठ करनाल मार्ग पर बरसात में जाते वाहन । संवाद
शामली में मेरठ करनाल मार्ग पर बरसात में जाते वाहन । संवाद
शामली में मेरठ करनाल मार्ग पर बरसात में जाते वाहन । संवाद
शामली में मेरठ करनाल मार्ग पर बरसात में जाते वाहन । संवाद
शामली में मेरठ करनाल मार्ग पर बरसात में जाते वाहन । संवाद
शामली में मेरठ करनाल मार्ग पर बरसात में जाते वाहन । संवाद
शामली में मेरठ करनाल मार्ग पर बरसात में जाते वाहन । संवाद