शामली। बीमा पॉलिसी का भुगतान, क्लेम खारिज करने के मामले में जिला उपभोक्ता फोरम ने भारतीय जीवन बीमा निगम के शाखा प्रबंधक शामली को 3.60 लाख रुपये की बीमा राशि पांच प्रतिशत वार्षिक ब्याज, पांच हजार रुपये की मानसिक क्षति पूर्ति, वाद व्यय पांच हजार मिलाकर 3.70 लाख रुपये पीड़ित को देने के आदेश दिए हैं।
कैराना तहसील के गांव कंडेला निवासी सुरेश ने एलआईसी के क्षेत्रीय प्रबंधक कानपुर, वरिष्ठ मंडल प्रबंधक एलआईसी मेरठ, शाखा प्रबंधक शामली को आरोपी बनाकर जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया था। वाद के मुताबिक सुरेश की पत्नी राजकुमारी ने एलआईसी से पॉलिसी 28 अगस्त 2011 को वार्षिक प्रीमियम के साथ कराई थी। जिसमें 3.60 लाख रुपये बीमा कवर था, सुरेश उसमें नोमिनी था।
राजकुमारी की 21 जुलाई 2012 को मृत्यु हो गई। जिसकी सूचना एलआईसी को दी गई थी, परंतु आरोपियों द्वारा बीमा राशि का भुगतान नहीं किया गया। क्लेम के संबंध में दावा यह कहकर खारिज कर दिया कि राजकुमारी सरकारी सेवक नहीं थी। सेवा के संबंध में असत्य सूचना दी।
जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष एसकेएस यादव, महिला सदस्य इंदु चौधरी ने मामले की सुनवाई करते हुए पीड़ित के परिवार को 3.60 लाख रुपये बीमा राशि, पांच हजार रुपये मानसिक क्षति पूर्ति, वाद व्यय पांच हजार रुपये मिलाकर 3.70 लाख ब्याज दिए जाने के आदेश दिए हैं।
एलआईसी के शाखा प्रबंधक ब्रजेश कुमार का कहना है कि यह वाद मुजफ्फरनगर जिले सेे हस्तांतरित होकर आया है। जिला उपभोक्ता फोरम का निर्णय उनके संज्ञान में नहीं है, ऐसे मामले को उनका मंडल कार्यालय देखता है। मंडल कार्यालय के निर्देश पर पीड़ित को जुर्माने की धनराशि अदा कर देंगे।