शामली। जिलेभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई। श्रद्धालुओं ने व्रत रखा। घरों में कान्हा को पालने में भक्तों ने झूलाया। शाम के समय पूूजा -अर्चना करने के लिए मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। रंगबिंरगी बिजली की रोशनी से नहाए मंदिरों मेे विशेष पूजा अर्चना करने के बाद मनोकामनाएं मांगी। इस मौके पर हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की, नटखट बंसी वाले, गोकुल के राजा मेरी अखियां तरस गई, अब तो आजा के भजन गूंजे। मध्यरात्रि चंद्रदर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने व्रत खोला।
सोमवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का श्रद्धालुओं ने व्रत रखा। घरों में कान्हा को पालने में झूलाया गया। शाम के समय शहर में हनुुमानधाम, शिवचौक रेलवे रोड पर सत्यनारायण मंदिर, पंजाबी कालोनी स्थित रघुनाथ मंदिर, टंकी रोड माता वैष्णो देवी, भैरव मंदिर, माजरा रोड स्थित भाकूवाला मंदिर, बुढ़ाना रोड बलभद्र मंदिर, बड़ा बाजार स्थित ठाकुर द्वारा मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर, गांधी चौक मेें कुटी वाला मंदिर, कैराना रोड पर गुलजारी वाले शिव मंदिर में श्री राधाकृष्ण मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े।
शहर कोतवाली में छोटे छोटे बच्चों ने राधाकृष्ण और शिव पार्वती नृत्य किया। मिल रोड पर शिव-पार्वती की झांकियां लगाई गई। श्रीहनुमान धाम पर छोटे छोटे बच्चे राधाकृष्ण बने। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा अर्चना करके मनोकामनाएं मांगी। शहर के श्री हनुमान धाम में स्थित श्रीराधा कृष्ण मंदिर में देर रात्रि 11.30 बजे पंडित प्रभुशंकर शास्त्री व धीरज मोहन शास्त्री ने हनुमान धाम के प्रधान सलील द्विवेदी को विधि विधान से पूजन कराया गया।
पूजन के बाद कान्हा का श्रृंगार व अभिषेक किया गया। रात्रि 12.30 बजे चंद्रमा के दर्शन के बाद भगवान की आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरित किया गया। मंदिरों में भगवान को झूला झुलाने समेत संबंधी सुंदर-सुंदर झाकियां सजाई गई। हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की, नटखट बंसी वाले, गोकुल के राजा मेरी अंखियां तरस गई, अब तो आजा के भजन गूंजे।
उधर, झिंझाना कस्बे में रामश्याम मंदिर पीठबाजार, भूमिया खेड़ा बस स्टैंड, मां शाकंभरी देवी मंदिर मेन बाजार, शिव मंदिर मोहल्ला ताडवाला व शैदमीर के अलावा थाना परिसर में बने मंदिरों को सजाया गया।
उधर, कैराना क्षेत्र में जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर कान्हा की पूजा अर्चना की। श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में घरों में पकवान और मिष्ठान बनाए गए। श्री बनखंडी महादेव मंदिर, प्राचीन देवी मंदिर तालाब, नवदुर्गा मंदिर, मेहतो वाला मंदिर आदि के अलावा कस्बे के मोहल्लों और गलियों में नटखट कान्हा की लीलाओं से ओत प्रोत झांकियां सजाई गई।