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Shamli News: रसोई गैस की किल्लत में केवाईसी के झंझट ने बढ़ाई परेशानी

Mon, 06 Apr 2026 12:08 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली में नया बाजार में गैस एजेंसी पर लगी उपभोक्ताओं की भीड़। संवाद
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शामली। जिले में रसोई गैस की किल्लत में केवाईसी प्रक्रिया से उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ रही है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। रविवार को सुबह से ही उपभोक्ता सिलिंडर लेने और केवाईसी के लिए कतार में खड़े रहे।
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जनपद के लोगों को गैस सिलिंडर के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। रविवार को भी शहर के टंकी रोड स्थित गैस एजेंसी कार्यालय, कस्बा बनत स्थित गैस एजेंसी और मंडी रोड स्थित गैस एजेंसी के साथ ही मेरठ-करनाल रोड स्थित लिसाढ़ में बनी एजेंसी पर गैस सिलिंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं की भीड़ लगी रही। उपभोक्ताओं का कहना है कि केवाईसी कराने के बाद भी गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। गैस एजेंसी संचालकों ने नोटिस लगा रखा है कि जिन ग्राहकों की केवाईसी होगी उनकी बुकिंग दो दिन बाद होगी और जिनका मोबाइल नंबर बदला जाएगा, उनकी बुकिंग भी दो दिन बाद होगी। इस कारण लोगों को गैस न मिलने से परेशानी बनी हुई है।
बोले उपभोक्ता
टंकी रोड एजेंसी पर भारत ने बताया कि पांच दिन पहले गैस बुक की थी, लेकिन अभी तक ओटीपी नहीं आया है, जिस कारण एजेंसी पर चक्कर लगाने पड़ रहे है।
शामली निवासी अरविंद ने बताया कि तीन दिन पहले गैस बुक की थी, लेकिन अभी तक ओटीपी नहीं आया है। गोदाम पर बताया कि जब तक ओटीपी नहीं आएगा तब तक गैस सिलिंडर नहीं मिलेगा।
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गांव कुड़ाना निवासी राजेंद्र ने बताया कि 45 दिन में गैस बुक हो रही है, लेकिन सिलिंडर एक माह में ही समाप्त हो चुका है, जिस कारण काफी परेशानी हो रही है।
दीपांशु ने बताया कि वह लगातार तीन दिन से चक्कर काट रहे हैं कभी ओटीपी तो कभी केवाईसी के लिए कहते हैं। आज भी केवाईसी ना होने का कारण सिलिंडर देने से मना कर दिया।
नया गांव निवासी विपिन कुमार ने बताया कि वह लगातार गैस एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं। पहले भी 15 दिन का समय दिया था और अब भी 15 दिन का समय दे दिया। कभी ओटीपी, कभी केवाईसी, कभी मोबाइल नंबर की समस्या बता देते हैं।
नवीन ने बताया कि एजेंसी पर कोई न कोई बात बताकर टाल देते हैं। तालिब ने बताया कि लगातार तीन दिन से गैस के लिए चक्कर काट रहा है, लेकिन सिलिंडर नहीं मिला।

होटल और ढाबों से लेकर स्ट्रीट फूड तक महंगाई, तो किसी ने काम किया बंद
शहर में गैस सिलिंडर की कमी ने अब आम जनजीवन के साथ-साथ होटलों, ढाबाें और स्ट्रीट फूड कारोबार पर भी गहरा असर डालना शुरू कर दिया है। गैस नहीं मिलने संचालकों ने मजबूरी में लकड़ी, कोयला और अन्य पारंपरिक ईधनाें का सहारा ले रहे हैं। इससे लागत में इजाफा हुआ है। जिसका सीधा असर खाने पीने की कीमतों पर पड़ा है।
पहले भोजन की एक सामान्य थाली 60 से 80 रुपये में मिल जाती थी, लेकिन अब उसकी कीमत 70 से 90 रुपये पहुंच गई है। शहर में कई स्थानों पर चाय अब बढ़कर 15 रुपये पहुंच गई है। समोसा भी 15 से बढ़कर 20 रुपये कर दिया है। फास्टफूड का स्टाॅल लगाने वाले जयबीर सिंह का कहना है कि रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। शहर के हनुमान धाम पर कॉफी बनाने वाले मोहित ने बताया कि गैस सिलिंडर न मिलने से कॉफी बनानी बंद कर दी है। मिठाई विक्रेता राहुल ने बताया कि उसने बर्गर व चाट का कार्य बंद कर दिया है।

जिले में गैस की कोई कमी नहीं है। शासन की गाइड लाइन के अनुसार व्यवस्था बनाकर उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। व्वावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
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- अंशुल यादव, जिला पूर्ति अधिकारी

शामली में नया बाजार में गैस एजेंसी पर लगी उपभोक्ताओं की भीड़। संवाद

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