कृषि यंत्रों पर छूट के मामले में किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए भाकियू ने कृषि उपनिदेशक कार्यालय में हंगामा किया। परिसर में लगे पोस्टर बैनर फाड़ दिए और जमकर नारेबाजी। धरना देकर उपनिदेशक को भी अपने बीच में बैठा लिया।
भाकियू जिलाध्यक्ष मास्टर जाहिद, प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार आदि भाकियू कार्यकर्ता मंगलवार दोपहर को कृषि उपनिदेशक कार्यालय पहुंचे और धरना देकर बैठ गए। उन्होंने कृषि अफसरों के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यालय में बैठे उपनिदेशक कृषि शिव कुमार केसरी कार्यालय से बाहर आ गए। किसानों ने उन्हें धरना स्थल पर ही बैठा लिया और शिकायतऱें की झड़ी लगा दी। भाकियू जिलाध्यक्ष जाहिद का कहना था कि दो दिन पूर्व कसेरवा का नीटू आदि कुछ किसान कृषि उपनिदेशक कार्यालय पर कृषि यंत्रों पर चल रही छूट के बारे में जानकारी करने आए। दफ्तर के कर्मचारियों ने बताया कि छूट खत्म हो चुकी है। इसके बाद उक्त किसान कृषि यंत्र बेचने वाले एक डीलर के यहां गया तो उसने बताया कि छूट मिल रही है। भाकियू जिलाध्यक्ष का आरोप था कि जो रोटावेटर बिना छूट के 80 हजार में मिल रहा था अब एक लाख का बताय जा रहा है। किसानों को छूट के बाद भी ये महंगा पड़ रहा है। आरोप लगाया कि डीलरों की सेटिंग से ही ये खेल चल रहा है। कृषि विभाग के दफ्तरों को कृषि यंत्र विक्रेता ही चलाने के आरोप लगाए । इस दौरान भाकियू नेताओं की उपनिदेशक से जमकर बहस और नोकझोंक भी हुई। मौके पर मुन्ना सिंह, विशाल बालियान, ओमवीर पटवारी, अयाज खान, चंद्रपाल आदि दर्जनों किसान थे।
बैनर पोस्टर फाड़े, जमकर हंगामा
गुस्साए भाकियू कार्यकर्ताओं ने कृषि उपनिदेशक कार्यालय परिसर में लगे बैनर पोस्टरों को फाड़ डाला और हंगामा काटा। कहा कि प्राइवेट डीलरों के बैनर पोस्टर यहां नहीं लगने चाहिए। किसानों ने करीब दो घंटे तक यहां खूब हंगामा काटा।
यूपी में कहीं से भी अधिकृत विक्रेता से खरीद सकते हैं यंत्र : उपनिदेशक
कृषि उपनिदेशक शिव कुमार केसरी के अनुसार उनके कार्यालय में किसी कर्मचारी ने छूट खत्म होने की बात नहीं कही है। ना ही डीलर के माध्यम से छूट की कोई बात है। सरकार ने योजना को छह नवंबर तक बढ़ा दिया है। सरकार द्वारा अधिकृत डीलर से किसान पूूरे यूपी में कहीं से भी कृषि यंत्र ले सकता है। उनके बिल बाउचर देने पर उनकी जांच और सत्यापन होगा और छूट की धनराशि सीधी बैंक खाते में जाएगी। इस योजना से संबंधित सभी जानकारी ,कृषि यंत्रों के रेट और नियम कायदे विभाग की पोर्टल पर भी हैं किसान वहां से भी लेकर इसे देख सकते हैं। यदि कोई पूर्व में खरीदे गए कृषि यंत्र का वर्तमान में खरीद करने का बिल बनवाकर छूट लेने की कोशिश करेगा और जांच में पकड़े जाने पर उसके विरुद्ध रिपोर्ट भी दर्ज होगी।
भाकियू की मांगे
कृषि यंत्र में छूट ना होने की जानकारी देने वाले कर्मी पर कार्रवाई हो।
किसानों को गलत रेट बताकर सौदेबाजी करने वाली संस्था ब्लैड लिस्ट हो।
विभागीय योजना या संशोधन का प्रचार प्रसार कराया जाए।
विभागीय कार्यशाला, गोष्ठियों में भाकियू नेताओं को बुलाएं।