पुलिस ने आईपीसी की धारा 376 और 5/6 पॉस्को एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी किशोर को पकड़कर राजकीय संप्रेक्षण गृह गौतमबुद्धनगर भेज दिया था, जहां किशोर रहा था। उक्त मुकदमा कैराना स्थित शामली जनपद की किशोर न्यायालय में चल रहा था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की और से नौ गवाह पेश किए गए।
गुरुवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने और पत्रावलियों को अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश रुचि तिवारी ने दोष सिद्ध पाए जाने पर अभियुक्त को तीन साल की सजा सुनाई।
उक्त तीन साल की सजा में से पूर्व में भुगती गई दो माह छह दिन की सजा को घटाने के बाद बाकी बची सजा को भुगतना होगा। जिसके बाद उसको विशेष किशोर जेल इटावा भेज दिया गया। किशोर न्यायालय के शासकीय अधिवक्ता अन्नू तोमर और तब्बसुम ने इस केस की पैरवी की।