शामली में विवादित ढांचा गिरने की बरसी पर जिले भर में चप्पे चप्पे पर कड़ी चौकसी रही। छह संवेदनशील कस्बों में पुलिस और पीएसी तैनात रही। प्रशासन की अनुमति ना मिलने से हिंदू संगठन जुलूस या रैली नहीं निकाल सके। धार्मिक स्थलों पर भी पुलिस का पहरा रहा। एसपी ने संवेदनशील कांधला, कैराना और झिंझाना क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था परखी।
पुलिस प्रशासन ने शामली, झिंझाना, कांधला, कैराना, थानाभवन और बाबरी में पुलिस और पीएसी बल लगाया था। शहर के मिश्रित आबादी वाले फव्वारा चौक, विजय चौक पर पुलिस और पीएसी गश्त करती रही। बजरंग दल ने शहर में बाइक रैली निकालने की तमाम कोशिश की लेकिन पुलिस प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। दूसरे संगठनों को भी अनुमति ना मिलने से सार्वजनिक तौर पर वे कोई कार्यक्रम या जुलूस नहीं निकाल सके। रात को बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने शिव चौक पहुंचकर हनुमान चालीसा का पाठ किया।
सीमाओं पर बैरियर डालकर चेकिंग
पुलिस प्रशासन ने बागपत से सटी एलम चौकी, पानीपत और करनाल से लगी जिले की सीमाओं पर भी बैरियर डालकर चेकिंग की। प्रशासन चेक कर रहा था कि वाहनों में किसी संगठन के लोग तो एकत्रित होकर नहीं जा रहे हैं।
कार्यक्रमों की जानकारी जुटाता रहा खुफिया तंत्र
पुलिस को आशंका थी कि हिंदू संगठनों द्वारा गुपचुप ढंग से रैली या कार्यक्रम किए जा सकते हैं। लिहाजा एलआईयू को सक्रिय किया गया था। एलआईयू टीम अपने मुखबिर और सूचना तंत्र के माध्यम से हिंदू संगठन के नेताओं की गतिविधियों की जानकारी करने में लगा रहा।
बंद कर लिए मोबाइल फोन
पुलिस और एलआईयू वाले कार्यक्रमों की जानकारी ले रहे थे। लिहाजा हिंदू संगठन के अधिकतर नेताओं ने बृहस्पतिवार को अपने मोबाइल बंद कर लिए थे। दरअसल उन्हें आशंका थी कि उनके मोबाइल के माध्यम से उनकी लोकेशन ट्रेस हो सकती है।
सोशल मीडिया पर रही साइबर सेल की नजर
बुलंदशहर की घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के मेसेज वायरल हो रहे थे। लिहाजा एसपी ने साइबर सेल को इन पर निगरानी को कहा था। सेल कर्मी प्रमुख व्हाट्सएप ग्रुुप में जुड़े लोगों के माध्यम से जानकारियां जुटा रहे थे।
मजार के पास जाली टूटने पर पहुंची पुलिस
मेरठ-करनाल हाईवे पर एक मजार के निकट निर्माण कार्य चल रहा है। पुलिस के अनुसार इसी दौरान मजार को जाने वाले रास्ते की एक सीमेंट की जाली टूट गई। एसओ आदर्श मंडी के अनुसार सूचना पर पुलिस तुुरंत मौके पर पहुंची। पता चला कि संचालकों द्वारा उसे ठीक करा दिया गया था।
जिले में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। पुलिस और पीएसी लगी थी। उन्होंने खुद कैराना, कांधला और झिंझाना कस्बे में दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था चेक की। ये अफवाह सुनी गई कि शहर के हनुमान धाम पर कुछ लोग मुजफ्फरनगर जैसी घटना दोहरा सकते हैं। लिहाजा वहां एएसपी और तमाम फोर्स लगा दिया गया था। पूरे जिले में सब कुछ शांत रहा। किस तरह की कोई घटना नहीं हुई। - अजय कुमार, एसपी शामली।