पात्रता के फेर में फंसी कन्या सुमंगला योजना
शामली। समान लिंगानुपात और बेटियों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई कन्या सुमंगला योजना पात्रता के फेर में फंस गई है। इस योजना का लाभ केवल उन परिवारों की बेटियों को मिलेगा जिसमें केवल दो बच्चे हों, ऐसे परिवार ढूंढने में सरकारी कर्मचारियों को पसीने छूट रहे हैं। जिस कारण इस योजना का आधा लक्ष्य भी पूरा नहीं हुआ है। सत्र समाप्त होने के केवल 16 दिन बचे हैं। डीएम ने अधिकारियों को समय पर लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
इस योजना में बेटी के जन्म से लेकर बेटी की इंटर, स्नातक स्तर की पढ़ाई तक कुल पांच स्तरों पर 15 हजार की आर्थिक मदद मिलती है। योजना की पात्रता के अनुसार लाभार्थी परिवार की अधिकतम तीन लाख सालाना आय और परिवार में दो से ज्यादा बच्चे नहीं होने चाहिए। अधिकारियों के अनुसार यही पात्रता इस योजना के लाभार्थियों के चयन में आड़े आ रही है।
जिले में इस योजना के लिए इस साल के निर्धारित 13000 लाभार्थियों के लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक केवल 5520 लाभािर्थियों के ही आवेदन हुए हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बृहस्पतिवार को संबंधित अधिकारियों की बैठक ली तो इस बात का खुलासा हुआ। जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रसून्न राय के अनुसार थानाभवन क्षेत्र में योजना के लिए पात्र लाभार्थी नहीं मिल रहे हैं।
निकाय और ब्लॉक भी रहे पीछे
खंड विकास कांधला, शामली और कैराना को 600 लाभार्थियों का लक्ष्य दिया था लेकिन एक भी आवेदन नहीं कराया गया। नगर निकायों को भी लक्ष्य दिया था, लेकिन गढीपुख्ता को छोड़ किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। गढीपुख्ता नगर निकाय ने 150 के सापेक्ष 38 आवेदन कराए हैं। बनत, एलम, झिंझाना, नगर पंचायतों ने भी एक भी आवेदन नहीं कराया है।
विभाग भी रहे फिसड्डी
सीएमओ कार्यालय को दो हजार का लक्ष्य दिया था लेकिन केवल 189 आवेदन ही विभाग करा सका। डीआईओएस कार्यालय द्वारा 500 में से केवल 140, बीएसए ने 206 आवेदन ही कराए हैं।
आंगनबाड़ी केंद्रों को सौंपी जिम्मेदारी
योजना की कमजोर प्रगति देख डीएम जसजीत कौर ने आंगनबाड़ी केंद्रों को पांच पांच आवेदन कराने की जिम्मेदारी दी है। केंद्र संचालिकाओं को टीम से गांव गांव में परिवारों को चिह्नितत कर उनके आवेदन कराने के निर्देश दिए।
कोट
योजना की पात्रता शर्तों की वजह से लाभार्थियों के मिलने में कुछ परेशानी की आ रही है। जिलाधिकारी ने सभी विभागों और निकायों को इसे गंभीरता से लेते हुए 31 मार्च तक अपने लक्ष्य पूरा करने को कहा है। खंड विकास कार्यालयों को भी तेजी लाने को कहा गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों को भी इसमें लगाया गया है।
-- प्रसुन्न राय, जिला प्रोबेशन अधिकारी