आरोप है कि जिस पर कस्टम अधिकारियों ने षड्यंत्र के तहत उन्हें जेल पहुंचवा दिया। उन्हें दो माह की सजा हुई थी, मगर पाकिस्तान की जेल में उन्हें सजा पूरी होने के बाद भी 11 माह तक बंद रखा गया। उन्हें यातनाएं भी दी जाती थीं।
नफीस ने कहा कि कलीम पूरी तरह से निर्दोष है। पीएम और सीएम से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। कहा कि यदि बेटा गुनाहगार है तो उसे सजा जरूरी मिलनी चाहिए, मगर बेगुनाह है तो उन्हें इंसाफ भी मिलना चाहिए। कहा कि दहशत के कारण ही वह मीडिया के सामने नहीं आ रहे थे।
तीनों पाकिस्तान की जेल से छूटे थे
नफीस ने बताया कि बेटे से कहासुनी के बाद कलीम समेत नफीस और उसकी पत्नी को पाकिस्तान की जेल में बंद रखा गया। 11 अगस्त को ही पाकिस्तान की जेल से रिहा हुए थे, जिन्हें लेने के लिए शामली पुलिस और प्रशासनिक टीम भी बार्डर पर पहुंची थी। छूटने के बाद से कलीम के माता और पिता रिश्तेदारी में चले गए थे।