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खादर को छोड़ कश्मीर की वादियों को बनाया था ठिकाना

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खादर को छोड़ कश्मीर की वादियों को बनाया था ठिकाना
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कैराना (शामली)। फरवरी 2015 में पानीपत और दिल्ली में मुकीम गिरोह केे महताब काना, सादर तीतरो के पकड़े जाने के बाद पुलिस ताबड़तोड़ खादर क्षेत्र में मुकीम के ठिकानों पर दबिश देने लगी थी। तब मुकीम और साबिर जंधेड़ी अपनी प्रेमिकाओं के साथ पुलिस से बचने के लिए कश्मीर चले गए थे।
2015 में ही जब दोनों बदमाश अपनी प्रेमिकाओं के साथ कश्मीर से वापस आ रहे थे, तो सटीक सूचना पर तत्कालीन एसपी विजय भूषण और करनाल पुलिस ने इनको पकड़ने का प्लान बनाया। मगर करनाल टोल प्लाजा के पास मुकीम को भनक लग गई और उसने अपनी गाड़ी कच्चे रास्ते पर मोड़ दी और फरार हो गया था। पुलिस ने मुकीम व साबिर की प्रेमिकाओं को गिरफ्तार कर लिया था, जिनके पास से सहारनपुर में तनिष्क शोरूम में पुलिस की वर्दी मेें डाली गई डकैती के लाखों के जेवर मिले थे।
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मुकीम गिरोह पुलिस के लिए बन गया था सिरदर्द
कैराना (शामली)। मुखबिरी का जरा सा भी शक होने पर मुकीम काला हत्या कर देता था। इस डर के कारण कोई उसके गिरोह की मुखबिरी नहीं कर पाता था। जिस कारण 2015 से पहले मुकीम गिरोह पुलिस के लिए सिरदर्द बना था।
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25 फरवरी 2015 को मुकीम गिरोह का शार्प शूटर महताब काना निवासी बलवा पानीपत में अपनी प्रेमिका से मिलने गया, तो पानीपत सीआईए फस्ट ने महताब गिरफ्तार कर लिया। इसके एक दिन बाद ही महताब की निशानदेही पर पानीपत पुलिस और दिल्ली स्पेशल टास्क फोर्स ने दिल्ली से ही मुकीम के साथी सादर तीतरो व अनिल दुजाना गिरोह के बदमाश को पकड़ लिया था। तीनों बदमाश पुलिस के कब्जे में आने के बाद पुलिस ने पूछताछ में मुकीम व उसके ठिकानों के बारे में जानकारी की। इसके बाद पुलिस ने मुकीम गिरोह के ठिकानों पर दबिश देने लगी। यहीं से मुकीम गिरोह के बदमाशों के पकड़े जाने का सिलसिला शुरू हुआ था।
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