मौसम की मार से मासूमों पर आफत टूट पड़ी है। बृहस्पतिवार को भी पारा 42 डिग्री रहा। दोपहर में स्कूल की छुट्टी के बाद घर तक पहुंचने में छात्रों का बुरा हाल हो गया। उधर, डीएम के निर्देश के बाद डीआईओएस ने कक्षा 12 तक के स्कूलों का समय बदल दिया है। अब ये स्कूल सुबह सात से 12 बजे तक खुलेंगे। ये आदेश सीबीएसई और आईसीएसई सभी बोर्ड के स्कूूूलों पर लागू होगा।
बृहस्पतिवार सुबह साढ़े आठ बजे से ही तेज धूप निकली थी। दोपहर 11 बजे गर्म हवाएं चल रही थी। लू से बुरा हाल था। दोपहर 12 बजे के बाद तो गर्मी और अधिक बढ़ गई। दोपहर एक बजे स्कूलों की छुट्टी के बाद अपने घर लौट रहे छात्रों का सबसे बुरा हाल रहा। शहर के कैराना रोड पर सैकड़ों स्कूली छात्र साइकिलों से घर लौट रहे थे, जिनका पसीनों से बुरा हाल था। झिंझाना रोड के अलावा गढ़ीपुख्ता मुजफ्फरनगर मार्ग पर स्कूली छात्र पसीने से भीगे हुए थे।
शहर के कैराना रोड निवासी साजिद अपने दो बच्चों को स्कूल से ला रहे थे। दोनों का कॉटन की चादर से सिर ढका था। कई छात्राएं पूरे चेहरे पर दुपट्टा बांधकर निकल रही थी। हालांकि शाम को गर्मी से बेहाल इन बच्चों को प्रशासन ने राहत दी। जिला विद्यालय निरीक्षक अनुराधा शर्मा के अनुसार जिलाधिकारी अखिलेश सिंह के निर्देश पर सभी स्कूल का समय सुबह सात से 12 बजे तक कर दिया गया है। ये आदेश यूपी बोर्ड के अलावा सीबीएसई और आईसीएसई सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा। 12 बजे तक स्कूूलों को छुट्टी करनी होगी। उधर, अमर उजाला ने गर्मी से बेहाल छात्रों की हालत पर बुधवार को शहर में मुहिम चलाई थी। बृहस्पतिवार के अंक में इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया था कि स्कूल लौटते वक्त बच्चों का कितना बुरा हाल था। खुद डीएम से इसका संज्ञान लिया और डीआईओएस से बात की। इसके बाद डीआईओएस ने आदेश जारी किए ।
बाजारों पर भी असर
शामली। गर्मी की वजह से बाजारों का भी बुरा हाल है। हालत ये है कि दोपहर के वक्त बाजारों में ग्राहकों का टोटा है। बाजारों में सन्नाटा रहता है। लोग घरों से निकलने से भी कतरा रहे हैं। व्यापारी नेता घनश्याम दास गर्ग का कहना है कि मई और जून के महीने में गर्मी की वजह से व्यापार कम हो जाता है। करीब 25 प्रतिशत व्यापार घटता है।