कैराना। 16 अगस्त 2014 को दिनदहाड़े व्यापार मंडल के पास अध्यक्ष विनोद सिंघल की दुकान पर बैठे हुए गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इसके ठीक आठ दिन बाद सीओ ऑफिस से सामने मुकीम काला गिरोह के बदमाश बाइकों पर आए और आयरन स्टोर के स्वामी राजू और शंकर की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। आठ दिन में तीन हत्याओं के चलते पूरा शामली जिला 15 दिन तक बंद रहा था। लूट डकैती और रंगदारी के लिए हत्याओं के बाद 2014 और 2015 में कैराना में पलायन हुआ था। जून 2016 में भाजपा के दिग्गज नेता स्व. हुकुम सिंह द्वारा 346 परिवारों के पलायन की सूची जारी करने के बाद प्रदेश में भूचाल आया था। 2017 में योगी सरकार आने के बाद बदमाशों के एनकाउंटर शुरू हुए और काफी संख्या में बदमाश जेल चले गए इसके बाद पलायन पर रोकथाम लगी थी। संवाद
साबिर जंधेड़ी एनकाउंटर में सिपाही अंकित तोमर हुआ था शहीद
कैराना। 2 जनवरी 2018 को पुलिस को सूचना मिली कि मुकीम गिरोह का शार्प शूटर दो लाख का इनामी साबिर अपने घर आया हुआ है। रात करीब 9:30 बजे तत्कालीन एसपी अजय पाल शर्मा ने कई थाना की पुलिस के साथ साबिर के मकान की घेराबंदी कर ली थी। इस दौरान कोतवाली में तैनात जांबाज सिपाही अंकित तोमर दूसरी मंजिल पर बने साबिर के कमरे का गेट तोड़कर अंदर घुस गया। कुख्यात साबिर से भिड़ते हुए अंकित तोमर शहीद हो गया। मुठभेड़ के दौरान कोतवाली प्रभारी भगत सिंह को भी दो गोलियां लगी थी। इस दौरान पुलिस ने 2 लाख की इनामी साबिर को ढेर कर दिया था।
कार में चार जगह थे गोली के निशान, खून से लथपथ थी कार
बिड़ौली। एनकाउंटर के बाद बदमाशों की ब्रेजा कार को चौसाना पुलिस चौकी पर भेज दिया गया। कार में शीशे, बोनट के अलावा चार जगह गोली के निशान थे। इसके अलावा कार की आगे और पीछे की सीटें भी खून से लथपथ थी। पीछे का शीशा टूटा हुआ था। घटनास्थल पर भी फॉरेसिंक टीम को छह स्थानों पर खून मिला। संवाद
पोस्टमार्टम हाउस पर पीएसी तैनात
बिड़ौली। लोगों के हंगामे की आशंका को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पर सुबह ही पीएसी और पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए थे। हंगामा करने वाले लोगों को भी जवानों ने किसी तरह शांत कराया। उधर, एनकाउंटर के बाद सुबह के समय कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। संवाद