टिकट नहीं मिलने के कारण हसन परिवार के नाहिद हसन को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में गंगोह विधानसभा से चुनाव लड़ना पड़ा। इस विधानसभा चुनाव में प्रदीप चौधरी ने नाहिद को हराकर जीत हासिल की थी।
तबस्सुम हसन और उनके बेटे नाहिद हसन सपा में शामिल हो गए थे। वर्ष 2017 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामकर प्रदीप चौधरी ने गंगोह से विधानसभा का चुनाव जीता था। इस चुनाव में प्रदीप चौधरी ने गंगोह विधानसभा में बसपा के नौमान मसूद को हराया था।
भाजपा हाईकमान ने विधायक प्रदीप चौधरी को वर्ष 2019 के कैराना लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया था। प्रदीप चौधरी ने तबस्सुम हसन को 92 हजार वोट से हराकर विजय हासिल की। वर्ष 2024 में भाजपा हाईकमान ने फिर से प्रदीप चौधरी को कैराना लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप उतार दिया है।
उनके सामने तीसरी बार हसन परिवार से सपा कांग्रेस गठबंधन की प्रत्याशी के रूप में इकरा हसन है। हसन परिवार और प्रदीप चौधरी परिवार एक बार फिर लोकसभा चुनाव में आमना सामना होगा। दोनों परिवारों की प्रतिष्ठा दांव पर है।