कई जिलों में पुलिस की ऑफिशियल आईडी पर मेल भेजकर रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी देने के आरोपी अपने गुरु से कोड वर्ड में बात करते थे। कई मोबाइल नंबर भी मिले हैं, इनमें अधिकतर मेरठ और गाजियाबाद के लोगों हें। ये सभी नंबर भी पुलिस की जांच दायरे में आ गए हैं।
गुलजार और शहजाद से पूछताछ में पता लगा है कि दोनों भाइयों ने दीनी तालीम यानी मजहबी शिक्षा ली है। उनका एक ऐसे व्यक्ति से संबंध होना पाया गया है, जिसे ये गुरु कहते हैं। एसपी ने बताया कि गुरु ने उनसे कहा है कि उन्हें आर्डर मिलेगा, वह आखिरी दिन होगा। यह कोड वर्ड क्या है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका। पुलिस के साथ कई खुफिया एजेंसी भी कोड वर्ड का मतलब खंगालने में लगी है। गुरु के बारे में एसपी ने इतना कहा कि उसकी तलाश की जा रही है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि जब भी उन्हें कोई समस्या या तनाव होता, या उन्हें किसी बात का डर लगता तो वह गुरु के पास जाकर बातचीत करते थे। गुलजार के मोबाइल से कॉल रिकार्ड्स मिले हैं, वे सनसनीखेज है। इससे आशंका है कि उसके संबंध खतरनाक लोगों से हो सकते हैं। एसपी ने बताया कि गुलजार और शहजाद से जो लोग संपर्क में है, उनकी डिटेल और सीडीआर के लिए मोबाइल कंपनियों को पत्र लिखे गए हैं। डिटेल मिलते ही संदिग्धों की जांच शुरू कर दी जाएगी। पकड़े गए दोनों आरोपी आतंकवादी संगठनों की दूर की कड़ी हो सकती हैं। आरोपियों को फिलहाल न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इसके बाद रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
धमकी भरे जैश के पत्र से नहीं मिला कनेक्शन
शामली। करीब 25 दिन पहले आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के एरिया कमांडर मैसूर अहमद के नाम से स्टेशन मास्टर के पते पर भेजी गई धमकी भरे पत्र से पकड़े गए आरोपियों का फिलहाल कोई कनेक्शन नहीं मिला है। 20 अप्रैल को साधारण डाक से शामली के स्टेशन मास्टर विक्रांत सरोहा के पते पर पत्र भेजा गया था। इस पत्र में शामली समेत वेस्ट यूपी, दिल्ली और हरियाणा के 11 रेलवे स्टेशनों को 13 मई को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। पत्र में 16 मई को यूपी के प्रमुख मंदिरों को उड़ाने और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और संघ प्रमुख मोहन भागवत की हत्या करने का भी जिक्र किया गया था। एसपी का कहना है कि जैश के नाम से भेजे गए धमकी भरे पत्र के बारे में फिलहाल इनसे कोई लिंक नहीं मिला है। उसकी विवेचना थाना जीआरपी द्वारा की जा रही है। जीआरपी और सिविल पुलिस दोनों की विवेचनाओं को जोड़कर देेेखा जाएगा।
पत्र की तरह मेल को भी दबाकर बैठी रही पुलिस
शामली सहित कई रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी का पत्र रेलवे अधिकारियों को 20 अप्रैल को मिल गया था। रेलवे अधिकारियों ने इस पत्र की सूचना रेलवे पुलिस को उसी दिन दे दी थी और उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराते हुए जांच शुरू कर दी थी। कई दिन बाद यह मामला थाना जीआरपी में दर्ज हुआ था। इसी तरह मेल के मामले में भी अधिकारी कुछ कहने से बचते रहे।
डेढ़ लाइन की मेल ने उड़ा दी पुलिस की नींद
गाजियाबाद, मेरठ, शामली में बम लगा रहे हैं। 72 घंटे में खत्म कर दिया जाएगा निजामुद्दीन हजरत स्टेशन। रेलवे स्टेशन उड़ाने की तैयारी, उत्तर प्रदेश पुलिस कुछ नहीं कर सकती। डेढ़ लाइन के इस मेल में 17 मई को स्टेशनों को उड़ाने की धमकी दी गई थी। यह मेल 14 मई को शाम पांच बजकर नौ मिनट पर भेजा गया था। मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा था। लिहाजा उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया। एसपी ने एएसपी, सीओ समेत कोतवाली पुलिस को बुलाकर गुपचुप ढंग से कोतवाली में बुलाकर उसी रात केस दर्ज करा दिया।
पांचवीं पास और इंग्लिश में मेल रोमन लिपि में टाइप किया गया था।गुलजार मात्र पांचवीं पास है, जबकि उसका भाई शहजाद दसवीं पास है। गुलजार दर्जी था, जबकि शहजाद धागे की रील बेचने का काम करता था। मेल रोमन लिपि में टाइप किया गया है। स्पेलिंग भी अधिकांश सही हैं। आरोपियों ने बताया कि पुलिस कार्यालयों की आईडी गूगल से ली थी। पुलिस की माने तो पकड़ा गया मुख्य आरोपी पांचवीं पास है। ऐसे में ये भी सवाल भी उलझा है कि आखिर पांचवीं पास गुलजार को इंटरनेट और मोबाइल की जानकारी कैसे हुई। उसने इंग्लिश में टाइप भी कर दिया। ऐसा भी तो संभव है कि इनके अलावा कोई अन्य भी इसमें शामिल हो।
पहले हमें भी यकीन नहीं हुआ था कि पांचवीं पास गुलजार ये सब कर सकता है, लेकिन उसने पूछताछ में बताया कि वो गूगल से ही इंग्लिश की स्पेलिंग देखकर लिखता है। उसका भाई लिखापढ़ी में तेज भी है। जांच चल रही है पूरी होने पर सब साफ हो जाएगा। - अजय कुमार एसपी शामली
कर्ज से बचने के लिए किया ड्रामा
अक्सर गलत काम करने में लोग दूसरों के मोबाइल और आईडी हैक कर यूज करते हैं, लेकिन गुलजार ने खुद अपनी आईडी यूज की, ये बात भी हैरान करने वाली है। गुलजार ने पहले बताया कि उस पर करीब 25 लाख रुपये का कर्ज हो गया है। लेनदार दबाव बना रहे थे, इसी वजह से उसने जेल जाने का ये तरीका अपनाया। उसने गूगल से पुलिस कार्यालयों की आईडी और फोन नंबर लिए और उन पर धमकी भरे मेल कर दिए। एसपी ने बताया कि गुलजार बार बार अपने बयान भी बदल रहा है। इसलिए इनकी तमाम गतिविधियां संदिग्ध हैं। उन्होंने कई सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस अधिकारियों को भी व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से धमकी भरे मेसेज भेजे जाने की कोशिश की थी।
इस तरह आरोपियों तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने गुलजार और शहजाद को शामली रोडवेज बस स्टैंड से गिरफ्तार करना बताया है। सवाल उठता है कि यदि उन्होंने मेल से शामली एसपी को धमकी भेजी थी, तो वे यहां क्या करने आए थे। मेल आने के बाद शामली साइबर सेल टीम के अलावा स्वॉट टीम, शामली कोतवाली पुलिस को इस मामले की तहकीकात में लगाया गया। पुलिस मुख्यालय स्तर से एटीएस भी इसमें जुट गई थी। मेल आईडी का आईपी एड्रेस, उस पर यूज हुआ मोबाइल नंबर आदि के साथ पूरा पता जुटाया। आरोपियों के नाम पते आदि ट्रेस हो गए तो सर्विलांस टीम ने उनके मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में अभी तक सीधे तौर पर किसी आतंकी संगठन से संबंध होना नहीं पाया गया है। जिस मेल से धमकी दी गई, उसकी आईडी शहजाद के नाम से होने की वजह से उसे भी इस केस में संलिप्त माना गया है। कॉल डिटेल की जांच करने पर इसमें कई चौंकाने वाली बातों की कॉल रिकॉर्डिंग भी मिली हैं, जिसमें गई गंभीर बातें हैं। इस आधार पर गुलजार की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हो रही हैं। मोबाइल फोन को एटीएस के माध्यम से जांच को फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। तमाम जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। प्रेसवार्ता के दौरान एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।