कांधला। जबर्दस्त बिजली कटौती के विरोध और डुंडूखेड़ा बिजलीघर की 33केवीए विद्युत लाइन को जसाला बिजलीघर से जोड़ने की मांग को लेकर सात गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने गंगेरू बिजलीघर पर जमकर हंगामा किया। वह छह घंटे तक धरना देकर बैठे रहे। गुस्साए ग्रामीणों ने जेई को घंटों बंधक बनाकर धूप में बैठाए रखा।
क्षेत्र के गंगेरु बिजलीघर से खेड़ाकुर्तान, गढ़ीमियां, गढ़ीरक्खा, इस्सोपुरटील, श्यामगढ़ी, गढ़ीरामकौर और डुंडूखेड़ा सहित 11 गांवों को विद्युत आपूर्ति दी जा रही है। इस बिजलीघर पर पांच फीडर हैं और 10 केवी के दो विद्युत ट्रांसफार्मरों से इन्हें बिजली दी जा रही है। सभी का लोड अधिक होने से सभी फीडर एक साथ नहीं चल सक ते, लिहाजा बारी बारी काटकर छह-छह घंटे बिजली दी जा रही है।
बीच में कभी भी बिजली आपूर्ति गुूल हो जाती है। इसी समस्या से गुस्साए उक्त गांवों के सैकड़ाें ग्रामीण एकत्रित होकर गंगेरु बिजलीघर पहुंचे और यहां हंगामा काटा। ग्रामीण बिजलीघर पर धरना देकर बैठ गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि ओवरलोड के कारण तीन फीडर को अधिकतर बंद ही रहते हैं। बिजली आपूर्ति से उनकी धान की फसल सूख रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि गंगेरु और डुंडूखेड़ा बिजलीघर की एक ही लाइन होने के कारण ओवरलोडिंग की समस्या ग्रामीणों के लिए सर दर्द बनी हुई है। ग्रामीण अपनी समस्या के समाधान को लेकर कई बार अधिकारियों से मिल चुके है, लेकिन अधिकारी भी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे। ग्रामीणों ने जेई संतोष कुमार को मौके पर बुलाया, और बंधक बनाकर घंटो अपने बीच धूप में बैठाए रखा।
ग्रामीणों ने डुंडूखेड़ा बिजलीघर की 33 केवी विद्युत लाइन को जसाला बिजलीघर से जोड़ने और विद्युत सप्लाई को डबल ग्रुप में दिए जाने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण दोबारा धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। बाद में ग्रामीणों ने एसडीओ कैराना के आश्वासन पर जेई को बंधन मुक्त किया।
एसडीओ कैराना ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या को उच्चाधिकारियों तक पहुँचा दियां गया और जल्द समाधान की मांग की गई है। इस दौरान ग्राम प्रधान गंगेरु रीना देवी, राजेश, नवाब, राजपाल, रमेश, सोनू सहित आदि ग्रामीण मौजूद रहे।