शामली। शामली जिले में बकरीद (ईद-उल-अजहा) पर्व को शांतिपूर्ण और धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप संपन्न कराने के लिए जमीयत उलमा के पदाधिकारियों ने सोमवार को जिला प्रशासन से सहयोग की मांग की। इस संबंध में जिला सदर मौलाना मुफ्ती मोहम्मद साजिद कासमी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई है कि बकरीद के अवसर पर 7, 8 और 9 जून को मुस्लिम समाज द्वारा धार्मिक परंपराओं के अनुसार कुर्बानी की जाती है, जिसे पूरा करने के लिए प्रशासन द्वारा सहयोग आवश्यक है। प्रतिनिधियों ने कहा कि जानवरों की मंडी लगाने, जानवरों की खरीद-फरोख्त करने और उन्हें घर तक लाने की अनुमति दी जाए।
जमीयत उलेमा ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि कुर्बानी के दौरान किसी भी प्रकार के संरक्षित पशु की कुर्बानी नहीं की जाएगी और शासन की सभी गाइडलाइनों का पालन किया जाएगा। प्रतिनिधियों ने यह भी आग्रह किया कि मुस्लिम बहुल मोहल्लों में सफाई, जल आपूर्ति और विद्युत आपूर्ति सुचारू रूप से सुनिश्चित की जाए।
जमीयत उलेमा के पदाधिकारियों ने प्रशासन से शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार के तनाव से बचने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने की अपील की है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन का सहयोग मिलने पर पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न होगा। मौके पर मौलाना नजाकत, हाजी यूसुफ, मास्टर बिलाल, मौ. जकाउल्लाह आदि शामिल रहे।
- कुर्बानी पर सफाई का खास ख्याल रखें : नवेद फेजी
बिड़ौली। गांव बिड़ौली सादात के कारी नवेद फेजी ने कहा के त्योहार के मौके पर कोई ऐसा काम न किया जाए जिससे दूसरे मजहब के लोगों को कोई परेशानी हो। कुर्बानी ऐसी जगह पर करें जहां किसी गैर मजहब के लोगों की नजर न पड़े। सफाई का भी विशेष ध्यान रखें।