शामली। दस हेक्टेयर भूमि में जलालपुर गांव में स्वामी कल्याण देव कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना की जाएगी। जल्द ही केेंद्र सरकार की एक टीम जल्द ही शामली समेत सात कृषि विज्ञान केंद्र की भूमि का निरीक्षण करके रिपोर्ट भेजेगी। इसके बाद कृषि विज्ञान केंद्र के लिए मानकों के अनुरूप पदों का सृजन करते हुए बजट जारी कर दिया जाएगा।
शामली जिला गठित होने के बाद वर्ष 2013-14 मे तत्कालीन डीएम प्रवीण कुमार सिंह ने शासन और केंद्र सरकार को एक प्रस्ताव भेजा था। भाजपा सांसद हुकुम सिंह के प्रयास से ग्राम जलालपुर में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए दस हेक्टेयर भूमि का प्रस्ताव भेजा गया था। केंद्र सरकार ने शामली, मुजफ्फरनगर, हापुड़, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, बदायूं आदि जिलों मे कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए स्वीकृत दस माह पूर्व दी थी।
दो दिन पूर्व लखनऊ में केंद्र सरकार के उपमहानिदेशक कृषि एके सिंह, शासन के प्रमुख सचिव कृषि रजनीश गुप्ता की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसमें कृषि उत्पादन आयुक्त प्रवीण कुुमार समेत कृषि विज्ञान से जुड़े अफसर मौजूूद रहे।
लखनऊ बैठक से लौटकर सरदार बल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार डॉ. रघुवीर सिंह ने बताया कि मुजफ्फरनगर कृषि विज्ञान केंद्र के लिए भूमि उपलब्ध हो गई है। शामली कृषि विज्ञान केंद्र के लिए कोई बाधा नहीं है। जलालपुर गांव में दस हेक्टेयर भूमि में स्वामी कल्याण देव कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना की जाएगी।
शीघ्र केंद्र सरकार की एक टीम शामली-मुजफ्फरनगर, हापुड़, अमरोहा, संभल, ,मुरादाबाद, बदायूं आदि जिलों में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए भूमि का निरीक्षण करके अपनी रिपोर्ट देगी। इसके अलावा दिल्ली में उपमहानिदेशक कृषि एके सिंह शामली समेेत सात कृषि विज्ञान केंद्र के लिए पदों व स्टाफ, धनराशि स्वीकृति देंगे।