शामली। किसान दिवस में बिजली, बकाया गन्ना भुगतान, टूटी सड़क, बेसहारा पशु और बकाया गन्ना भुगतान का मुद्दा किसानों ने जोर शोर से उठाया। बकाया गन्ना भुगतान के मुद्दे पर जिले के चीनी मिल के अधिकारी मौन साधे रहे और किसानों को स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। भाकियू के जिलाध्यक्ष कालेंद्र मलिक ने चेताया कि यदि एक सितंबर तक जिले की चीनी मिलों ने किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं किया गया तो दो सितंबर को खाप चौधरियों के साथ शामली गन्ना सरकारी समिति कार्यालय में महापंचायत होगी।
बुधवार को किसान कृषि विज्ञान केंद्र जलालपुर के सभागार में किसान दिवस का समय सुबह 11 बजे निर्धारित किया गया था। किसान डीएम रविंद्र सिंह का इंतजार करते रहे। डीएम के न आने पर दोपहर 12 बजे सीडीओ विनय कुमार तिवारी किसान दिवस में पहुंचे। डेढ़ घंटा चले किसान दिवस में डांगरौल निवासी राजन जावला ने गांव के प्राथमिक विद्यालय और गांव के राजकुमार के घर के ऊपर से जा रही 33 हजारी बिजली की लाइन हटवाने की मांग की। कनियान गांव में बंद चल रही गोशाला को चालू करने और डांगरोल-मखमूलपुर में क्षतिग्रस्त रजबहे की पटरी के निर्माण कराने की मांग उठाई। भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मेनपाल गुर्जर, भाकियू के जिलाध्यक्ष कालेंद्र मलिक ने बिजली की समस्याओं को उठाया। बकाया गन्ना भुगतान कराए जाने की मांग की। बताया कि जिले की मिलों पर 237 करोड़ रुपया बकाया है। दिल्ली-देहरादून इकॉनमिक काॅरिडोर किसान संघर्ष समिति के सचिव विदेश मलिक का कहना है कि हाईवे पर डंफरों के संचालन से बुटराड़ा लोई रजबहे की पटरी लांक, भाजू समेत सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही है।
किसानों ने कहा कि बिजली अधिकारी गांवों में छापेमारी कर किसानों का शोषण कर रहे हैं। किसान दिवस में कविता चौधरी,योगेंद्र कुमार,सुनील पंवार नाला, ईश्वर फौजी आदि किसानों ने समस्याएं रखी। इस मौके पर उपनिदेशक कृषि प्रमोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी प्रदीप यादव, जिला गन्ना अधिकारी रणजीत कुशवाह मौजूद रहे।
किसान दिवस में समस्याओं का समाधान न होने पर कम किसान पहुंचे
बुधवार को किसान दिवस में कम किसान पहुंचे। किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप पंवार, भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान, किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक आदि नहीं आए।