पुलिस के अनुसार समीर एक जासूसी गिरोह का सक्रिय सदस्य था। वह वर्ष 2024 में इंस्टाग्राम के माध्यम से नौशाद नामक व्यक्ति के संपर्क में आया था। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और बाद में उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जिसमें मीरा नाम की महिला पहले से जुड़ी हुई थी।
पिस्टल तस्करी में भी रहा शामिल
जांच में सामने आया है कि समीर मीरा के कहने पर मध्य प्रदेश में पिस्टल की तस्करी में भी शामिल रहा है। इसके बाद वर्ष 2025 में वह पाकिस्तान से संचालित देश विरोधी गतिविधियों में सक्रिय हो गया।
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