शामली में रालोद महासचिव एवं पूर्व सांसद जयंत चौधरी ने कहा कि पलायन के नाम पर कैराना और कांधला को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। बेहतर रोजगार, शिक्षा और परिवार की तरक्की के लिए गांव और कस्बों को छोड़ने को पलायन नहीं कहा जा सकता।
शनिवार को गांव बंतीखेड़ा में रालोद नेता हाजी दिलदार के यहां मैंगो पार्टी में शामिल होने पहुंचे रालोद महासचिव जयंत चौधरी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि राष्ट्रीय लोकदल ने गरीब, मजदूर, किसान और व्यापारी के हक में लड़ाई लड़ी है। उन्होंने युवाओं कार्यकर्ताओं से अपील की है कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने में जुट जाएं। ज्यादा से ज्यादा युवाओं को पार्टी में शामिल करें।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सपा या भाजपा, फिलहाल किसी से भी गठबंधन का विचार नहीं है। आगामी विधानसभा चुनाव में उसी से गठबंधन होगा, जिसके एजेंडे स्पष्ट होंगे। जब तक भाजपा जाति और धर्म के नाम पर लोगों को बांटने के लिए कैराना और कांधला पलायन जैसे मामले उठाएगी, उस स्थिति में गठबंधन का सवाल ही नहीं उठता। रही बात समाजवादी पार्टी की, तो एमएलसी चुनाव के दौरान सपा नेताओं से बातचीत हुई थी, मगर आगामी विधानसभा चुनाव के गठबंधन पर फिलहाल कोई बात नहीं हो रही है।
कार्यकर्ताओं से राय ली जाएगी। जो कार्यकर्ता कहेंगे, वही निर्णय किया जाएगा। इस दौरान हाजी दिलदार, पूर्व विधायक बलबीर सिंह, राजपाल बालियान, पूर्व मंत्री धर्मवीर बालियान, योगेंद्र चेयरमैन, जिलाध्यक्ष ऋषिराज राझड़, कंवरपाल मालैंडी, मुजफ्फरनगर जिलाध्यक्ष अजित राठी, तरसपाल मलिक, सतबीर पंवार, सुनील मलिक, रंधावा मलिक, रामकुमार वर्मा तथा सनौज चौधरी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।