शामली। एटीएम से रुपये निकालने में हुई धोखाधड़ी के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम ने बैंक अधिकारियों पर जुर्माना लगाया है।
शामली के मोहल्ला रेलपार नेमचंद वाली गली निवासी मधुप शुक्ला पुत्र राधेश्याम शुक्ला ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में वाद दायर किया था। उसमें मधुप शुक्ला ने पीएनबी शाखा पालिका बाजार शामली के शाखा प्रबंधक बलदेव सिंह, रमेश हंस कर्मचारी/अधिकारी तथा भारतीय स्टेट बैंक शाखा बजाज हिन्दुस्तान शुगर मिल के शाखा प्रबंधक अजय कुमार को आरोपी बनाया था। मधुप शुक्ला ने बताया था कि एसबीआई बजाज हिन्दुस्थान शुगर मिल शाखा में उसका अकाउंट है।
22 अप्रैल 2013 को उसने पीएनबी शाखा पालिका बाजार के एटीएम से रुपये निकालने के लिए दो बार प्रयास किया, मगर रुपये नहीं निकले। इसी दौरान एटीएम केबिन में आए अन्य ग्राहक ने 500 रुपये निकाले। इसके बाद मधुप शुक्ला ने उक्त मशीन से दो बार में 15 हजार रुपये निकाले। बाद में 24 अप्रैल को वह एसबीआई शाखा से अपनी पासबुक में एंट्री कराने पहुंचे, तो पता चला कि उनके खाते से 25 हजार रुपये निकले हैं, जबकि मधुप शुक्ला को उस दौरान एटीएम से सिर्फ 15 हजार रुपये ही प्राप्त हुए थे। इसकी शिकायत मधुप ने उसी दौरान पीएनबी के टोल फ्री नंबर पर कॉल करके दर्ज कराई, मगर उन्हें 10 हजार रुपये नहीं लौटाए गए।
इसके चलते मधुप ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में वाद दायर की थी। मामले की सुनवाई कर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के अध्यक्ष एसकेएस यादव तथा सदस्य श्रवण कुमार ने निर्णय सुनाते हुए विपक्षी एसबीआई शाखा प्रबंधक के खिलाफ वाद को निरस्त कर दिया। वहीं पीएनबी के शाखा प्रबंधक बलदेव सिंह तथा कर्मचारी रमेश हंस के खिलाफ परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए परिवादी को मानसिक क्षतिपूर्ति में पांच हजार रुपये तथा वाद व्यय में दो हजार रुपये (कुल सात हजार रुपये) अदा करने का आदेश दिया है।
आदेश की तिथि से 30 दिन के भीतर रुपये जमा नहीं करने पर अतिरिक्त ब्याज के रूप में 12 प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज देना पड़ेगा। इसके अलावा थानाध्यक्ष शामली तथा पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर उस समय एटीएम में मौजूद दो व्यक्तियों पर कार्रवाई करने को भी कहा है।