शामली। अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर शामली के उद्योगों पर भी है। जिले से माचिस, अगरबत्ती, धूपबत्ती, रिम-धुरा और गैस चूल्हों का निर्यात करने वाले उद्यमियों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। इंश्योरेंस कंपनियों ने माल का बीमा करना बंद कर दिया है और कई जगह अपने करार तोड़ दिए हैं, जबकि शिपिंग कंपनियों ने भी माल ढुलाई पर भारी अतिरिक्त शुल्क लगाना शुरू कर दिया है। इससे उद्यमियों की परेशानी बढ़ गई है। शामली में 250 से अधिक औद्योगिक इकाइयां हैं। जिले से अमेरिका, यूरोप और पश्चिम एशिया के देशों में बड़े स्तर पर उत्पादों की सप्लाई की जाती है। आईआईए के पूर्व चेयरमैन अनुज गर्ग ने बताया कि युद्ध के कारण शिपिंग रूट प्रभावित हो गए हैं। नए ऑर्डर मिलना लगभग बंद हो गए हैं, जबकि पुराने ऑर्डर जो रास्ते में थे, वे भी अटक गए हैं। जिन ऑर्डरों की डिलीवरी होनी थी, उन्हें फिलहाल होल्ड पर डाल दिया गया है। इंश्योरेंस कंपनियां भी लगातार करार तोड़ रही है। उद्यमियों को हर रोज करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उद्यमी अपूर्व जैन ने बताया कि इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा करार तोड़े जाने और शिपिंग कंपनियों द्वारा अतिरिक्त चार्ज वसूले जाने से निर्यात पूरी तरह प्रभावित हो गया है।