निर्यात नीति में कलस्टर गठन के दिए निर्देश
शामली। उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति-2019 के तहत कलस्टर गठन के लिए किसानों का चयन करने के निर्देश दिए गए। जिले में बासमती चावल, गुड़, फल-सब्जी, शहद एवं मशरूम आदि के कलस्टर बनाए जाएंगे।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला कृषि अधिकारी शामली डा. हरिशंकर ने बताया कि कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, गन्ना विभाग के उत्पाद निर्यात के लिए शामिल किए जाएंगे। शामली में कृषि विभाग में बासमती चावल (पीबी-1121), उद्यान विभाग में हरी सब्जियां, शहद व मशरूम, पशुपालन विभाग में मुर्गी पालन, मत्स्य विभाग में मछली पालन, गन्ना विभाग में गुड़ उत्पाद के कलस्टर बनाए जाएंगे। इसके अलावा आम, अमरूद, पपीता आदि का प्रसंस्करण कर जैम, जैली, कैंडी, चटनी एवं अचार आदि तैयार कराकर निर्यात करने के लिए कलस्टर बनाए जा सकते हैं।
उप कृषि निदेशक डा. शिवकुमार केसरी ने बताया कि कलस्टर न्यूनतम 50 हेक्टेयर के बनाए जाएंगे। उन्होंने सभी विकास खंडों में किसानों के चयन के निर्देश दिए। सहायक कृषि विपणन अधिकारी कमल कांत त्यागी ने बताया कि कलस्टर गठन पर 50-100 हेक्टेयर तक 10 लाख रुपये, 100-150 हेक्टेयर तक 16 लाख, 150 से 200 हेक्टेयर तक 22 लाख रुपये, 250 से 300 हेक्टेयर तक 34 लाख रुपये, 300 से 350 हेक्टेयर तक 40 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। डीसीओ विजय बहादुर सिंह ने कृषि निर्यात नीति में गुड़ को शामिल करने के लिए प्रस्ताव देने को कहा। बैठक में डीडीओ प्रमोद ने कहा कि संबंधित विभाग कलस्टर गठन की प्रकिया पूर्ण करें। बैठक में अजब सिंह, जनक सिंह, कृष्णपाल सैनी, अभय चौधरी, अमित सैनी, संजीव कुमार, सुरेश कुमार, मंजर अब्बास एवं सुभाष चंद आदि मौजूद रहे।