कैराना में प्राइवेट बस टैक्सी स्टैंड के लिए भूमि का निरीक्षण करते एसडीएम, सीओ, ईओ और पालिका चेयरम?
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शामली, कैराना। नगर में वर्षों से संचालित प्राइवेट बस व अवैध टैक्सी स्टैंड के वाहनों को खड़ा कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने तीन स्थानों पर जमीन का निरीक्षण किया। जल्द ही किसी एक स्थान को चिन्हित कर पालिका द्वारा प्रस्ताव पास कर वाहनों को खड़ा कराने की व्यवस्था की जाएगी।
करीब एक माह पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने अवैध रूप से चलने वाले बस, टैक्सी स्टैंड से वाहनों को हटाने के आदेश जारी किए थे। जिसके बाद पुलिस-प्रशासन की ओर से सड़क किनारे चलने वाले अवैध टैक्सी, बस स्टैंड को हटवाने की कवायद तेज कर दी थी। पुलिस प्रशासन ने सभी बस, टैक्सी स्टैंड संचालकों को वाहनों को हटाने के निर्देश दिए थे। कैराना नगर में वर्षों से आठ स्थानों पर अवैध रूप से बस टैक्सी स्टैंड संचालित हैं। सीएम योगी के आदेश के बाद भी इन स्थानों पर चलने वाली बसों, डग्गामार वाहनों व टैक्सी वाहनों पर पूर्ण रूप से रोक नहीं लगाई जा सकी थी। मंगलवार को एसडीएम विशु राजा, सीओ बिजेंद्र सिंह भड़ाना, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी मणि अरोरा, पालिका चेयरमैन हाजी अनवर हसन कांधला रोड स्थित मीट प्लांट के सामने पालिका की खाली पड़ी भूमि, मायापुर रोड पर वाल्मीकि समाज के तालाब व ब्लॉक के सामने एक भूमि का निरीक्षण किया। बताया गया कि तीनों स्थानों में से किसी एक स्थान का जल्द ही चिन्हीकरण किया जाएगा। जिसके बाद पालिका द्वारा प्रस्ताव पास कर बस टैक्सी स्टैंड के वाहनों को खड़ा कराने की व्यवस्था कराई जाएगी।
पीडब्ल्यूडी की जमीन पर किया गया था बस टैक्सी स्टैंड बनाने का प्रयास
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद पुलिस प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित बस, टैक्सी स्टैंड संचालकों को सड़कों के किनारे से वाहनों को हटाने के आदेश दिए थे। जिसके बाद बस टैक्सी स्टैंड संचालक प्रशासन से लगातार अपने वाहनों को खड़े कराने की व्यवस्था की मांग कर रहे थे। करीब 10 दिन पहले पालिका अधिशासी अधिकारी मणि अरोरा ने कांधला तिराहे पर रोडवेज बस स्टैंड के ठीक सामने खाली पड़ी पीडब्ल्यूडी विभाग की भूमि से अवैध कब्जा हटवाते हुए यहां प्राइवेट बस व टैक्सी स्टैंड बनाने का प्रयास शुरू करा दिया था। बाद में रोडवेज के एआरएम की ओर से एसडीएम को एक पत्र भेजा गया था। जिसमें बताया गया था कि रोडवेज बस स्टैंड के एक किमी के दायरे में कोई भी प्राइवेट या सरकारी बस स्टैंड नहीं बनाया जा सकता। जिसके बाद तत्कालीन एसडीएम संदीप कुमार ने पालिका को अन्य स्थान पर प्राइवेट बसों को खड़े कराने की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए थे।