शामली। जनपद शामली को एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में शामिल करने की कवायद फिर शुरू हो गई है। प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन की तरफ से प्रस्ताव मांगा गया, जिस पर मंगलवार को प्रभारी जिलाधिकारी ने प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को भेज दिया है। उम्मीद की जा रही है कि शासन स्तर से जिस तरह इसको लेकर गंभीरता दिखाई जा रही है, उसे उम्मीद बढ़ने लगी है।
दरअसल, शामली जनपद को एनसीआर में शामिल कराने के लिए कई वर्षों से मांग की जा रही थी। इसके चलते पूर्व में भी प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया था। हालांकि दिल्ली में हुई बैठक में शामली जिले को एनसीआर में शामिल नहीं किया गया था, जबकि मुजफ्फरनगर एनसीआर में शामिल हो गया था।
अब मंगलवार को ही उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन ने शामली जिले को एनसीआर में शामिल कराने संबंधी प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया है। इसके बाद अधिकारियों ने रिकार्ड खंगाला और प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को रिपोर्ट भेज दी, जिसमें पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव का हवाला भी दिया गया है।
प्रस्ताव में इन विभागों की रिपोर्ट शामिल
एनसीआर में शामिल करने संबंधी प्रस्ताव में जिले का इतिहास, शिक्षा, सड़के, स्वास्थ्य सेवाएं, उद्योग-धंधे, परिवहन व्यवस्था, जनसंख्या और विकास के साथ ही विभिन्न विभागों से रिपोर्ट तैयार कराई गई थी। शामली को एनसीआर में शामिल करने की 24 पन्नों की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।
शासन के निर्देश पर प्रस्ताव तैयार कराकर भेज दिया गया है। एनसीआर में शामिल करने संबंधित मीटिंग में तय होगा कि शामली एनसीआर में शामिल होगा या नहीं - भरतजी पांडेय, अपर जिलाधिकारी।