शामली। खाड़ी देशों के बीच चल रहे युद्ध का असर अब जनपद में पूरी तरह दिखने लगा है। गैस, पेट्रोल-डीजल की किल्लत से लेकर प्लास्टिक सामान, कोयला-लकड़ी, टायल्स पर महंगाई बढ़ने लगी है। कॉमर्शियल गैस न मिलने से कोयला-लकड़ी की मांग बढ़ने से इनके दाम भी बढ़ने लगे हैं।
प्लास्टिक से बने सामान पर 25 से 30 प्रतिशत की महंगाई
प्लास्टिक से बने सामान के दाम में बढ़ोतरी ने आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। प्लास्टिक बर्तन, बाल्टी, टब, ड्रम, बोतल और डस्टबिन जैसे उत्पादों के दाम बढ़ गए हैं। बाल्टी पहले 110 की थी जो अब 130 की होगी। टब पहले 180 का था अब 200 का बेचा जा रहा है। किचन व स्टोरेज से जुड़े सामान भी महंगे हुए हैं। दुकानदार विकास ने बताया कि केमिकल और दाना महंगा होने के महंगाई बढ़ी है। जिससे बाजार पर काफी असर पड़ा है।
टायल्स पर 10 से 15 रुपये प्रति पेटी बढ़ी महंगाई
टायल्स की पेटी पर 10 से 15 रुपये महंगाई बढ़ गई है। दुकानदार पराग गर्ग ने बताया कि टायल्स बनाने वाली सभी फैक्टरी गैस से चलती है। भारत में लगभग 1400 फैक्टरियां हाल ही में गैस न मिलने से बंद चल रही है। माल भी आना बंद हो गया है। वहीं किराया भाड़ा भी बढ़ने से महंगाई पर असर पड़ा है।
कोयला-लकड़ी पर भी महंगाई का दिखा असर
कॉमर्शियल गैस सिलिंडर न मिलने से ढाबा और होटल संचालक अब भट्ठी पर कोयला और लकड़ी का इस्तेमाल कर रहे हैं। शनिवार को कोयला की कीमत के बारे में पता किया तो लगभग 200 रुपये प्रति क्विंटल और लकड़ी पर चार रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी मिली। दुकानदार सोनू ने बताया कि पहले कोयला 2800 रुपये क्विंटल आ रहा था, लेकिन अब 3000 रुपये पर पहुंच गया है। लकड़ी बेचने वाले राहुल ने बताया कि चार दिन पहले वह 10 रुपये प्रति किलो बेच रहे थे, लेकिन अब मांग बढ़ रही है, जिस कारण दाम अचानक से 14 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। जिस कारण ढाबा संचालकों ने खाने पर पांच से 10 रुपये बढ़ा दिए हैं। पेट्रोल पंपों पर डीजल का स्टॉक होने लगा खत्म, बढ़ी परेशानी
शनिवार को शहर के कुड़ाना मार्ग स्थित पेट्रोल पंप पर दो दिन से डीजल समाप्त है। किसान ट्रैक्टर लेकर बैरंग लौट रहे हैं। संचालक बिट्टू मलिक ने बताया कि डीजल रात तक आने की उम्मीद है। वहीं शहर के मेरठ रोड पर काबड़ौत में पेट्रोल व डीजल खत्म मिला। लिसाढ़ के पास स्थित पेट्रोल पंप पर भी एक से दो घंटे का ही स्टॉक मिला। संचालक बलबीर, सूरज ने बताया कि अब नया नियम आया है कि पेट्रोल-डीजल का ऑर्डर पूरा करने से पहले भुगतान करना होगा। कंपनियों में उधारी बंद होने पर परेशानी बढ़ गई है। कच्चे तेल की किल्लत के बीच कंपनियों ने संचालकों की चिंता बढ़ा दी है।