शामली में जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य को लेकर अरबों रुपये पानी की तरह बहाने के बावजूद धरातल पर नतीजा सिफर रहे तो इसे क्या कहेंगे? शामली स्वास्थ्य विभाग की यही हालत है।
केंद्र सरकार के सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम मिशन इंद्रधनुष पर स्वास्थ्य विभाग अपनी स्थिति संतोषजनक नहीं रख पाया। इसके चलते सूबे में शामली जिला सबसे फिसड्डी बन गया। प्रकरण पर शासन गंभीर हुआ तो लखनऊ से आए ओएसडी ने स्वास्थ्य महकमे की क्लास ले ली। डीएम ने भी मामले में आपात बैठक लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों को चेतावनी जारी कर दी।
पूरे सूबे में मिशन इंद्रधनुष का संचालन किया जा रहा है। नियमित टीकाकरण में जो बच्चे दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में छूट गए। उनको कवर करने के लिए इस योजना का शुभारंभ किया गया था। प्रदेश में योजना का अच्छी तरह क्रियान्वयन हो रहा है, लेकिन इसके लक्ष्य प्राप्ति में शामली को शर्मिंदा होना पड़ रहा है।
दो दिन पूर्व शामली में पहुंचे ओएसडी राकेश कुमार के सामने डब्लूएचओ ने स्थानीय रिपोर्ट रखी शामली में टीकाकरण की स्थिति परत दर परत खुल गई। बताया जाता है कि शामली में मिशन इंद्रधनुष की स्थिति 61 प्रतिशत रही जो बेहद चिंताजनक है। इसके हिसाब से शामली पूरे सूबे में सबसे नीचे यानि 74 वें नंबर पर है।
यह खुलासा होते ही ओएसडी ने पहले तो स्वास्थ्य विभाग की जमकर क्लास ली। उसके बाद उन्होंने इस संबंध में डीएम सुजीत कुमार से मुलाकात की। तभी डीएम सुजित कुमार ने जो बैठक छह तारीख को होनी थी आपात में उसे बुुुधवार को बुलवा ली। बताया जाता है कि इस बैठक में सीएमओ को भी खरी-खरी सुनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी ।