जिपं सदस्यों के चुनाव में निर्दलीय सब पर भारी पड़े
शामली। जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव में आठ निर्दलीय प्रत्याशी भाजपा, सपा और रालोद पर भारी पड़े हैं। चुनाव में पिछड़ जाने से हुकुम सिंह के परिवार सहित रालोद और सपा के दिग्गजों को निराशा हाथ लगी है।
जिला पंचायत के चुनाव में जिला प्रशासन ने वार्ड 14 से मधु गुुर्जर, वार्ड 16 से शैफाली चौहान और वार्ड 15 से अरविंद कुमार के परिणाम घोषित किए गए हैं। विजयी प्रत्याशी में भाजपा के दो और रालोद समर्थित एक शामिल हैं। अभी तक 16 वार्डों के प्रत्याशियों के चुनाव परिणाम जिला प्रशासन की ओर से घोषित नहीं किए गए हैं। मतगणना में सपा के पक्ष में वार्ड एक से अंजली और वार्ड 13 से विनोद चौहान अपने प्रतिद्वंद्वी से बढ़त बनाए हुए हैं। इसी प्रकार रालोद समर्थित प्रत्याशियों में जिला पंचायत के वार्ड 19 से उमेश कुमार, वार्ड 18 से रंधावा मलिक, वार्ड 17 से अमित कुमार,वार्ड 15 से अरविद पंवार और वार्ड 11 का फरजाना ने बढ़त बनाए रखा है। भाजपा के पक्ष में वार्ड 14 से मधु गुर्जर, वार्ड 16 से शैफाली चौहान, विजयी हो चुके हैं। भाजपा के पक्ष में वार्ड चार से डॉक्टर नीरज सैनी, वार्ड पांच से डौली देवी का बढ़त में हैं।
जिला पंचायत सदस्य पद के लिए चुनाव में रालोद-सपा और भाजपा पर निर्दलीय प्रत्याशी भारी पडे़ हैं, जिनमें जिला पंचायत के वार्ड चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में वार्ड दो से शर्मिष्ठा, वार्ड तीन से अनिल टीनू की मां ओमवती, वार्ड छह से निर्दलीय प्रत्याशी सुमन चौहान, वार्ड दस से पूर्व प्रमुख गयूर अली निर्दलीय रूप से बढत बनाए हैं। जिले में जिला पंचायत के कुल 19 वार्डों में रालोद समर्थित पांच, भाजपा समर्थित चार और सपा समर्थित दो प्रत्याशी शेष निर्दलीय प्रत्याशी बढ़त बनाए हैं।
दिग्गजों को लगा झटका
शामली। जिला पंचायत के वार्ड नंबर 11 से भाजपा के पूर्व सांसद हुकुम सिह के पौत्र अनुज चौहान की पत्नी शालिनी चौहान, उनके समर्थक वार्ड 13 से जगरोशन, कसेरवा खुर्द के पूर्व प्रधान जयपाल सिंह के वार्ड सदस्य के चुनाव में पिछड़ जाने के बाद भाजपा को करारा झटका लगा है। रालोद के दिग्गज नेेेता और पूर्व प्रमुख वाजिद अली, रालोद प्रत्याशी और भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष मास्टर जाहिद और सपा के प्रत्याशी के रूप में वीर सिंह मलिक और विजय मलिक भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामजीलाल सैनी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुकेश सैनी की पत्नी के चुनाव में पिछड़ जाने से दिग्गजों को झटका लगा है। अरविंद झाल की पत्नी सुनीता के चुनाव में पिछड़ जाने से रालोद को जनपदीय राजनीति को तगड़ा झटका लगा है। जिला पंचायत अध्यक्षा पद के लिए अनुसूचित जाति की महिला आरक्षित है। रालोद की ओर से सुनीता का अध्यक्ष पद का दावेदार बनाकर चुनाव लड़ाया गया था। चुनाव मैदान में वार्ड आठ से प्रत्याशी बनाया था। सुनीता के पिछड़ जाने के बाद रालोद को जिला पंचायत अध्यक्ष की दावेदारी को झटका लगा है।