बढ़ता तापमान गेहूं, जौ और बरसीम पर डाल रहा प्रभाव
शामली। पिछले एक सप्ताह से बदलता मौसम का मिजाज और बढ़ता तापमान गेहूं समेत जौ, जेई और बरसीम आदि फसलों को प्रभावित कर रहा है।
जिले में 48 हजार हेक्टेयर रकबे में गेहूं का उत्पादन होता है। एक सप्ताह पूर्व मौसम ठंडा होने से गेहूूं, जौ, जेई और बरसीम की फसल के लिए अच्छा मौसम माना जा रहा था। चार फरवरी को बूंदाबांदी के बाद मौसम में बदलाव आया है। सात दिन से दिन और रात का तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। बढ़ता तापमान गेहूं, जौ, जेई, और बरसीम की फसल को प्रभावित करने लगा है।
शामली कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक के मुताबिक गेहूं, जौ, जेई और बरसीम की फसल के लिए अधिकतम तापमान दस डिग्री सेल्सियस से लेकर 15 डिग्री सेल्सियस तक मुफीद है। 15 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान इन फसलों को प्रभावित कर रहा है। ज्यादा गरम मौसम होने से गेहूं की फसल में बाली निकलनी शुरू हो जाएगी। जिससे गेहूं की बढ़वार कम हो जाएगी और गेहूं का भूसा कम निकलेगा। दस प्रतिशत से लेकर 15 प्रतिशत तक गेहूं की फसल का उत्पादन प्रभावित करेगा। गरम मौसम से बरसीम की कटाई कम हो जाएगी। इसी प्रकार गरम मौसम जौ, जेई को प्रभावित करने वाला है।