शामली/कांधला/थानाभवन। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने किसानों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचकर जमकर नारेबाजी के साथ धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर गन्ना मूल्य भुगतान न होने पर नाराजगी जताई गई।
मंगलवार को भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष पप्पू मलिक के नेतृत्व में किसान कलक्ट्रेट में पहुंचे।
नारेबाजी के साथ धरना प्रदर्शन किया। कलक्ट्रेट परिसर में ही करीब आधा घंटे तक धरना देकर बैठ गए। इसके बाद जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह को ज्ञापन सौंपा गया। भाकियू के मंडल अध्यक्ष ओमपाल मलिक ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बिजली की दरों में बढ़ोतरी करके किसानों की कमर तोड़ दी है, क्योंकि गन्ना मूल्य भुगतान समय पर नहीं होने और लागत के हिसाब से फसल का दाम नहीं मिलने की वजह से किसानों की हालत खराब है।
उन्होंने कहा कि किसानों का उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसानों के इन मुद्दों को लेकर 16 से 18 जनवरी तक इलाहाबाद में होने वाले अधिवेशन में आगामी रणनीति बनाई जाएगी। इस दौरान गठवाला खाप के थांबेदार चौधरी श्याम सिंह, बाबा सूरजमल, भाकियू के ब्लाक अध्यक्ष योगेंद्र मलिक, सतपाल पहलवान, बोबी चेयरमैन, देवराज पहलवान, अक्षय बधेव, ऋषिपाल, प्रदीप प्रधान, सुखपाल, विजयपाल, सुक्खा, जस्सर, विष्णु, अजयवीर त्यागी, ईश्वर फौजी, ओमबीर, सुखबीर राठी, बिजेंद्र चूनसा और मनोज आदि मौजूद रहे।
उधर, कांधला में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार, प्रदेश सचिव विनोद निर्वाल के नेतृत्व में खंड विकास कार्यालय के प्रांगण में बैठक हुई। कुलदीप पंवार ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बिजली दरों में वृद्धि कर किसान और मजदूर के साथ में अन्याय किया है। बैठक के बाद कार्यकर्ताओं ने अपनी दो सूत्री मांगों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन एडीओ पंचायत भूपेंद्र सिंह को दिया गया। इस दौरान नवेद जंग, हाजी इरफान, नरेंद्र पंवार, मोहर सिंह, विनोद, बृजपाल सिंह, संजीव सहित दर्जनों भाकियू कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उधर, थानाभवन में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने निजी नलकूप और ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर विद्युत दरें बढ़ाने के विरोध में थानाभवन ब्लाक कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान छह सूत्री ज्ञापन एडीओ को सौंपा गया।
ज्ञापन में मांग की गई कि बढ़ाई गई विद्युत दरें तत्काल वापस ली जाएं तथा दरें निर्धारित करने के लिए दोबारा से प्रक्रिया अपनाकर उपभोक्ताओं की पीड़ा भी ध्यान में रखी जाए।
वहीं, एनजीटी के पुराने वाहनों पर प्रतिबंध के आदेश में से ट्रैक्टर को मुक्त रखा जाए। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के जिला महासचिव मास्टर जाहिद, पदम सिंह, शहजाद, सुरेश, ओमपाल, राम कुमार, अशफाक मिर्जा, अनीस मंसूरी, रजीउल्लाह, नसीम मास्टर, आरिफ, पप्पू, मदन, आदिल, माजिद आदि मौजूद रहे।