शामली। नगर पालिकाओं की भांति अब ग्राम पंचायतों में भी कूड़े का निस्तारण किए जाने का शासन ने फैसला लिया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत अब गांवों में भी नगर पालिका की भांति ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन प्रणाली लागू की जाएगी।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा, सफाई, सामान्य जीवन में सुधार लाना है। नगर पालिकाओं में एकत्र होने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन प्रणाली लागू की जाती है, लेकिन गांवों में भी भारत स्वछ मिशन के तहत इस योजना को लागू किया जाएगा। इसके लिए शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।
योजना के तहत डीएम, सीडीओ से लेकर एसडीएम डीएम, डीपीआरओ, अधिशासी अभियंता सहित अन्य अधिकारियों को एक-एक गांवों को गोद लेना होगा। अधिकारी गांवों में बैठक कर एक मॉडल तैयार करेंगे। चयनित किए गए गांव को काम पूरा होने तक नहीं बदला जाएगा, चाहे अधिकारी का भी ट्रांसफर भले ही क्यों न हो जाए।
आबादी के हिसाब से मिलेगा रुपया
गांवों में ठोस, तरल अपशिष्ट प्रबंधन के क्रियान्वयन के लिए अधिकतम बीस लाख रुपये दिए जाने की व्यवस्था की गई है। 150 परिवारों तक के गांव को सात लाख रुपये, 300 परिवारों तक गांवों को 12 लाख रुपये, 500 परिवारों तक के गांवों में अधिकतम बीस लाख रुपये देने का प्रावधान रखा गया है। सीडीओ यशु रुस्तगी ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत मॉडल गांव के रूप में एक-एक गांव को विकसित किया जाएगा, इसके लिए सभी अधिकारियों को गांव गोद लेना होगा और उसमें ठोस व तरण अपशिष्ट प्रबंधन का क्रियान्वयन किया जाएगा, इससे गांवों की तस्वीर बदलेगी।