शामली। कुपोषित बच्चों के सुधार का डाटा कंप्यूटर में फीड नहीं करने पर सीडीओ ने जिले के छह अधिकारियों को कार्य सुधार का मौका दिया है। अप्रैल में प्रगति में सुधार न आने पर सभी अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि की चेतावनी दी है।
मंगलवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में राज्य पोषण मिशन के तत्वावधान में जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। प्रभारी डीएम और सीडीओ विनोद कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राज्य पोषण मिशन के तहत पांच साल तक के बच्चो को कुपोषण को दूर करने के लिए संचालित कार्यक्रमों, योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। सीडीओ ने कहा कि शिकायत मिल रही है कि बच्चों को पुष्टाहार व पंजीरी न मिल रही हैं। बल्कि भैंसें पुष्टाहार और पंजीरी खा रही हैं। मुख्य सेविकाएं अपने कार्यों में सुधार लाएं, अन्यथा उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
डीआईओएस, डीएसओ, वाणिज्य कर अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, खंड विकास अधिकारी समेत छह जिला स्तरीय अधिकारियों को कुपोषित बच्चों का सुधार का डाटा कंप्यूटर फीड करने में फिसड्डी हैं। अप्रैल में कार्य सुधार न आने पर प्रतिकूल प्रविष्टि की चेतावनी दी है। सीडीओ को अवगत कराया कि फरवरी में 3252 अति कुपोषित बच्चेे हैं, जिनमें 245 बच्चों और 458 गर्भवती महिलाओं के पोषण स्तर पर सुधार पाया गया।
बाल विकास परियोजना शामली व ऊन ब्लाक की प्रगति ठीक न होने पर प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए है। जिला कार्यक्रम अधिकारी एसएन रावत, मंडलीय समन्वयक विनोद कुमार यादव, एसीएमओ डॉ. सफल कुमार, डीडीओ जीपी गौतम, डीपीआरओ सतीश कुमार, बीएसए राजदेव सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. भूपेंद्र सिंह, जल निगम के अधिशासी अभियंता डीके अग्रवाल आदि रहे।