शामली शहर के बुढ़ाना रोड पर स्थित नामदेव क्लीनिक बिना पंजीकरण के अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। झोलाछाप पर नकेल कसने के लिए चलाए गए अभियान के तहत एसीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार शर्मा ने 25 अक्तूबर को क्लीनिक का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान राजेश नामक संचालक द्वारा मरीजों को देखना पाया गया।
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निरीक्षण के बाद एसीएमओ ने संचालक से चिकित्सा व्यवसाय से जुड़े अभिलेख तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराने को कहा था, लेकिन संचालक कोई भी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। अभिलेख न देने और आवश्यक पात्रता न होने पर यह स्पष्ट हुआ कि क्लीनिक अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था।
एसीएमओ का कहना है कि राजेश द्वारा बिना योग्यताप्रमाणित चिकित्सा व्यवसाय कर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। इस पर शहर कोतवाली में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।