शामली। गांव कुड़ाना में दलित परिवार को पेड़ से बांधकर पीटने के मामले में कार्रवाई नहीं होने के चलते बुधवार को ग्रामीण एसपी आफिस पर पहुंचे। इस दौरान पीड़ित परिवार की महिलाएं निरीक्षण पर पहुंचे आईजी जोन की गाड़ी के आगे लेट र्गइं। जब पुलिस ने उन्हें हटवाया, तो काफी हंगामा हुआ और नोकझोंक हुई। बाद में एसपी ने समस्या के समाधान किए जाने के संबंध में सीओ सिटी को निर्देश दिए।
गांव कुड़ाना में कई दिनों दिन पूर्व शराब बिक्री का आरोप लगाते हुए गांव के कुछ लोगों दलित परिवार को पेड़ से बंधक बनाकर पीटा था। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज कर लिया था, लेकिन आज तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। आरोप है कि गांव में आरोपी पक्ष उनको गांव छोड़ने की धमकी दे रहा है।
बुधवार को एसपी आफिस पर इस मामले में ग्रामीण राकेश, सुमन, विमला, रोहताश, मोना, योगेश आदि दर्जनों महिलाएं और पुरुष पहुंचे और निरीक्षण के लिए शामली एसपी आफिस पर निरीक्षण को पहुंचे आईजी जोन से मिलने पहुंचे और मिलने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उनको बाहर रोक लिया। जिस पर महिलाएं वहीं पर धरने पर बैठ गईं।
पुलिस ने उनको कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। करीब एक घंटा बाद आईजी अजय आनंद बाहर आए और गाड़ी में बैठने लगे तो महिलाओं तथा लोगों ने उनसे मिलने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उनको मिलने नहीं दिया। कुछ महिलाओं ने गाड़ी के आगे लेटने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें हटाया। जिसके बाद आईजी जोन वहां से चले गए। बाद में एसपी शामली विजय भूषण ने ग्रामीणों को समझाया। कहा कि किसी भी सूरत में आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही सभी की गिरफ्तारी की जाएगी।
उधर, आईजी से मिलने पहुंचे दलित परिवार के लोगों ने जब आईजी से मिलने की कोशिश की तो वहां कोतवाल शामली ने रोकते हुए कहा कि नेतागिरी कर रहे हो, सब निकाल दूंगा।